April 1, 2020

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निर्भया के दरिंदो की एक और चाल, क्या इससे फिर टल जाएंगी फांसी की सज़ा?

निर्भया

निर्भया रेप केस एक ऐसा मामला रहा था जिसने देशभर को दहला कर रख दिया था देश की बेटी के लिए लोग दिल्ली की सर्दी में भी सड़को पर आगे थे,  जिस बेटी के इंसाफ के लिए लोगो ने प्रोटेस्ट किये,कैंडल मार्च निकाले, देश की सरकार तक को पलटने में जिस मामले ने अहम भूमिका निभाई वो निर्भया मामला आज तक इन्साफ की तारीख़ की राह देख रहा है|

जिस क़ानून से इन्साफ की लोगों ने उम्मीद लगा रखी है उसी क़ानून को तोड़ मरोड़ कर निर्भया के दोषियों ने अबतक अपनी फांसी की सज़ा को टाला है और अब जब एक बार फिर फांसी के दिन नज़दीक आए तो ये कुछ नए पैंतरे अपनाने से बाज़ नहीं आ रहे तो आइये आपको बताते है की आख़िर अब कौन सी चाल चली है इन दोषियों ने अपनी फांसी की सज़ा को टालने के लिए |

निर्भया के दोषी पवन ने अब चली कौन सी चाल

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निर्भया केस के एक दोषी पवन गुप्ता ने फांसी की तारीख से 10 दिन पहले सजा में देरी करने के लिए एक और पैंतरा आजमाया। पवन ने गुरुवार को अदालत में याचिका दायर कर मंडोली जेल के दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उससे मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। याचिका पर सुनवाई करते हुए मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रियांक नायक ने मंडोली जेल प्रशासन को नोटिस देकर 8 अप्रैल तक जवाब मांगा है।

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निर्भया के दोषी फांसी की सजा टलवाने के लिए लगातार पैंतरेबाजी कर रहे हैं। निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने इनकी फांसी बरकरार रखी। इसके बावजूद, फांसी टलवाने के लिए वे किसी न किसी कानूनी पैंतरे का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस साल जनवरी से लेकर अब तक दोषियों की फांसी 3 बार टल चुकी है।

आपको बता दें की ये चौथी बार है जब निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख़ आई है 20 मार्च को सुबह साढ़े 5 बजे होनी है फांसी इससे पहले भी ३ बार ये अपने क़ानूनी हकों का इस्तेमाल कर के फांसी की सज़ा से बचते आए है ऐसे में लोगो को लगने लगा है की क्या इस बार तय समय पर इन्हें फांसी हो पायेगी या इस बार भी ये किसी क़ानूनी विकल्प के बहाने अपनी सज़ा से बच जाएंगे क्या फिर एक बार निर्भया को अभी और इंतज़ार करना होगा अपने इन्साफ के लिए?

पवन गुप्ता से पहले दोषी मुकेश ने भी चली थी एक चाल

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निर्भया के दोषी मुकेश सिंह ने 5 दिन पहले ही सजा से बचने के लिए नया पैंतरा चला था। उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि वकील ने उसे धोखा दिया है, इसलिए उसके कानूनी विकल्प बहाल किए जाएं। मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। ट्रायल कोर्ट ने 6 मार्च को चौथा डेथ वॉरंट जारी कर निर्भया के दोषियों मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय सिंह (31) की फांसी 20 मार्च को सुबह साढ़े 5 बजे तय की है।

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तीन बार पहले भी टल चुकी है निर्भया के दोषियों की सज़ा

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आपको बता दे की इससे पहले यानी 22 जनवरी पहली तारीख़ 1 फरवरी दूसरी तारीख 3 मार्च तीसरी तारीख और अब 20 मार्च चौथी तारीख आयी है और इसे टालने की भी पूरी कोशिशें कर रहे है निर्भया के दोषी|

हालांकि कोर्ट ने साफ़ कर दिया है की फांसी की सज़ा रहेगी बरक़रार

दोषी पवन गुप्ता ने फांसी की तारीख से 10 दिन पहले सजा में देरी करने के लिए एक और पैंतरा आजमाया। पवन ने गुरुवार को अदालत में याचिका दायर कर मंडोली जेल के दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उससे मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। याचिका पर सुनवाई करते हुए मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रियांक नायक ने मंडोली जेल प्रशासन को नोटिस देकर 8 अप्रैल तक जवाब मांगा है।

हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि दोषी की याचिका का उसकी फांसी की सजा पर कोई असर नहीं होगा अब देखना ये है की क्या इस बार तय तारीख़ पर निर्भया के दोषियों को होगी फांसी या फिर कोई क़ानून ही इनकी नई तारीख़ का बहाना बन जाएगा|

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