July 2, 2020

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बजट 2020 -21 का हिला गणित, भारत सरकार कैसे पाएगी गिरती इकॉनमी पर काबू  

बजट 2020 -21 का हिला गणित, भारत सरकार कैसे पाएगी गिरती इकॉनमी पर काबू  
कोरोनावायरस के कारण देश भर की इकॉनमी बिगड़ती नजर आ रही है। साफ है की बजट सत्र 2020 -21 पूरी तरह से हिल गया है। भारत सरकार को अरबो डॉलर का नुकसान हो रहा है। पुराने बजट को अब आगे बढ़ाना मुश्किल है। भारत की इकॉनमी लगातार गिर रही है। सरकार को जहाँ एक तरफ देश को पूरी तरह से बंद रख कर लोगो को कोरोनावायरस से बचाना है वही दूसरी तरफ देश की बिगड़ती इकॉनमी को भी सुधारना है।कई एक्सपर्ट्स का कहना है की की ये गिरावट 40 साल में सबसे बड़ी गिरावट होने वाली है।

इसको लेकर हमारे पास कुछ आंकड़े है-

कोरोना के कारण जारी लॉकडाउन से बेरोजगारी की समस्या विकराल होने जा रही है। सीआईआई ने कहा, ‘घरेलू कंपनियों की आय और लाभ दोनों में इस तेज गिरावट का असर देश की आर्थिक वृद्धि दर पर भी पड़ेगा। रोजगार के स्तर पर इनसे संबंधित क्षेत्रों में 52 प्रतिशत तक नौकरियां कम हो सकती हैं।’ सर्वेक्षण के अनुसार, लॉकडाउन खत्म होने के बाद 47 प्रतिशत कंपनियों में 15 प्रतिशत से कम नौकरियां जाने की संभावना है। वहीं 32 प्रतिशत कंपनियों में नौकरियां जाने की दर 15 से 30 प्रतिशत होगी।
सर्वेक्षण के अनुसार, ‘चालू तिमाही (अप्रैल-जून) और पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान अधिकांश कंपनियों की आय में 10 प्रतिशत
से अधिक कमी आने की आशंका है और इससे उनका लाभ दोनों तिमाहियों में पांच प्रतिशत से अधिक गिर सकता है।

गिरावट के कारण महंगाई में कमी आ सकती है

संक्रमण का फैलाव किस हद तक बढ़ेगा इस बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है इसलिए विकास दर का सटीक अनुमान लगाना कठिन है और अनुमान में बदलाव करना पड़ सकता है। जहां तक महंगाई की बात है, मांग और उत्पादन गतिविधियों में कमी, क्रूड की अंतरराष्ट्रीय कीमत में भारी गिरावट, ऊर्जा, बेस मेटल जैसे कई प्रमुख कमोडिटी के भाव में गिरावट के कारण महंगाई में कमी आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2020 में महंगाई दर 6.7-6.5 फीसदी के दायरे में और थोक महंगाई  2.35-2.5 दर फीसदी के दायरे में रह सकती है।

कम से कम 100 अरब डॉलर का नुकसान

लॉकडाउन से इकॉनमी को कम से कम 100 अरब डॉलर का नुकसान होने की संभावना है। इस फेज में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं तो इसकी संभावना है कि लॉकडाउन को और आगे बढ़ाया जाए। इससे स्थिति और बिगड़ जाएगी।
कुल मिलाकर वर्तमान आर्थिक परिस्थिति में सरकार ने बजट में जो कुछ ऐलान किए थे वह अब किसी काम के नहीं लग रहे हैं। कोरोना का असर कम होने के बाद सरकार को एकबार फिर से अपनी प्राथमिकता तय करनी होगी और कमाई को ध्यान में रखते हुए खर्च को भी डिसाइड करना होगा।
Image Source:-newsonair.nic.in

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