March 30, 2020

करंट न्यूज़

खबर घर घर तक

मिजोरम राज्य के स्थापना दिवस पर, जानिए इस राज्य से जुड़ी हर बात –

मिजोरम

मिजोरम पर्यटन स्थल भारत के पूर्व–

उत्तर में स्थित एक खूबसूरत राज्य है। यह भारत का सबसे छोटा राज्य है जिसका नाम अपने मूल जनजाति “मिजो” के नाम पर पड़ा हैं। मिजोरम नाम का मतलब ही “पहाड़ों की भूमि” होता है।

मिजोरम पहले असम राज्य का जिला था लेकिन फरवरी 1987 में इसके असम से अलग करके भारत के 23वें राज्य के रूप में दर्जा दिया गया।

सन 1954 तक मिजोरम को “लुशाई पर्वतीय जिले” के नाम से जाना जाता था। मिजोरम पहाड़ों की भूमि होने के कारन बहुत ही आकर्षक राज्य है। मिजोरम स्टेट में प्रवेश करने के लिए भारतीय पर्यटकों को इनर लाइन परमिट की जरुरत पड़ती है।

बिना इनर लाइन परमिट के भारतियों की एंट्री नही हो पाती है। मिजोरम की राजधानी आइजोल के लेंगपुई एअरपोर्ट पर इस को दिखाना जरुरी होता है। मिजोरम राज्य पर्यटन की दृष्टि से काफी शानदार जगह है।

प्रकृति का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहाँ आते हैं और लम्बा समय व्यतीत करते हैं। मिजोरम की कला और संस्कृति का सही नमूना यहाँ के दर्शनीय स्थलों पर घूमने के बाद ही पता चलता हैं। मिजोरम में कई ऐसी जगह है जहाँ पर घूमने के बाद आपको बहुत सुकून और शांति का अनुभव होगा।

Mijoram

मिजोरम को “सोंगबर्ड ऑफ़ इंडिया” के नाम से भी जाना जाता है। मिजोरम पर्यटन की यात्रा गर्मियों के दिनों में भी पर्यटकों के लिए आनंददायक साबित होती हैं। मिजोरम को अपनी खूबसूरत 21 पहाड़ी श्रृंखलाओं के लिए भी जाना जाता है।

ऐसा कहा जाता है की जब मिजो ट्राइब्स द्वारा चीन की सीमा पार की गई तब से मिजोरम के इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है। 16वी शताब्दी में मिजोरम का इतिहास अस्तित्व में आया। मिजोरम में 18वी और 19वी शताब्दी में बहुत सारे जनजातीय युद्ध हुए थे।

जिसके बाद सन 1898 में मिजोरम ब्रिटिश शासन के अधीन हो गया था। सन 1946 में मिजोरम की पहली राजनीतिक पार्टी मिजो कॉमन पीपल्स का गठन हुआ था। सन 1947 के बाद मिजोरम को एक अलग राज्य बनाने की मांग उठने लगी। फिर सन 1987 में मिजोरम को अलग राज्य का दर्जा दिया गया।

मिजोरम की भाषा क्या है-

मिजोरम की मुख्य भाषा “मिज़ो” है। मिजोरम में अधिकतर मिज़ो जाती के लोग निवास करते थे। इसलिए मिजो यहाँ की स्थानीय भाषा बन गई। हालाकि समय के साथ अब बहुत विकास होने के कारण हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा की अधिकता भी हो गई है। परन्तु मिजोरम के पुराने लोग मिज़ो के अलावा अन्य कोई ज्यादा भाषाएँ नही जानते है।

विशेष त्यौहार

यहां के लोग ज्यादातर कृषि पर निर्भर है तो यहाँ के प्रमुख त्यौहार भी कृषि से ही सम्बंधित है। लोग यहां बहुत ही ख़ुशी और उल्लास से हर त्यौहार मानते है।

यहां पर मार्च के महीने में मनाया जाने वाला त्यौहार ‘छपरा कुट’ बहुत हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है,आपको बता दें कि यह त्यौहार कटाई से सम्बंधित है। इस उत्सव में चेरव और बांस नृत्यों का प्रदर्शन किया जाता हैं।

अगस्त और सितम्बर माह में मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार “मीम कुट” है।

मीम कुट बहुत ही धार्मिक त्यौहार है जो निकले हुए साल में मरने वाले लोगो की रोटी, सब्जियां तथा मक्का आदि के सम्मान में मनाया जाता है। मीम कुट त्यौहार में भी मुख्य रूप से नाच गाना होता है।

जब मिजोरम के लोग कटाई से फ्री हो जाते है तो भगवान् जी का धन्यवाद करने के लिए एक खास त्यौहार “पावल कुट” मनाते है और यह त्यौहार 2 दिन तक चलता हैं।

मिजोरम का पहनावा

इस राज्य का पहनावा बहुत ही सुन्दर हैं जिसे देखकर खूबसूरत एहसास का अनुभव होता हैं। इस राज्य में अलग-अलग त्यौहारों पर अलग-अलग ड्रेस पहनी जाती है और त्यौहार पर सबसे अच्छे दिखने की कोशिश की जाती हैं।

यहां का पहनावा उसकी संस्कृति को बयाँ करता हैं, जिसमे उनके द्वारा अलग प्रकार की खास पोशाके पहनी जाती है।

इसे भी पढ़े:-GUILTY एक बार फिर नेटफ्लिक्स कि सीरीज़ में दिखेंगी कियारा आडवाणी

इस राज्य की महिलायें नृत्य करते समय कव्रेची ब्लाउस को पौंची के साथ पहनती है। यह पहनावा बहुत ही ट्रेडिसनल होता है और बहुत ही आकर्षक लगता है।

मिजोरम की पारंपरिक पोशाक में सफ़ेद और काले रंग ज्यादा देखने को मिलते है। महिलाओं की खास ड्रेस में पुंछी ड्रेस है, जोकी बहुत ही खूबसूरत होती है। यहां के पुरुष साधारण कपड़े पहनते है जोकि लाल और सफ़ेद रंगों के होते है

मुख्य भोजन-

ये पूर्वोत्तर क्षेत्र में होने के कारण चावल की खेती के लिए फेमस है। यहां के लोग चावल बहुत पसंद करते है। चावल के साथ-साथ मांस, मछलियाँ तथा ताज़ी सब्जियां बहुत पसंद की जाती है।

इधर के प्रसिद्ध भोजनों में मुख्य रूप से मीसा मच गरीब, वौक्सा रेप, अरसा बुछिकर, कोठा पीठा, पूअर मच और दाल प्रमुख है।

खाना केले के पत्तों में परोसा जाता है जोकि यहाँ की संस्कृति है और केले के पत्तो में खाने का स्वाद ही कुछ अलग हो जाता है। यहां के लोग सरसों के तेल में पका हुआ खाना पसंद करते है और बहुत ही कम तेल में फ्राई किया जाने वाला खाना आपको राज्य के सभी होटल्स में देखने को मिलेगा।

यात्रा करने का सबसे अच्छा समय

पर्यटन की यात्रा पर जाने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा माना जाता हैं क्योंकि इस मौसम के दौरान पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नही करना पड़ता हैं।

राज्य में कहाँ रुके और इसके प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा करने के बाद यदि आप किसी होटल की तलाश में हैं तो हम आपको बता दें कि यहां कई लो-बजट से लेकर हाई-बजट के होटल मौजूद हैं। आप अपनी सुविधानुसार होटल का चुनाव कर सकते हैं।

कैसे जाए इस राज्य में

यदि आपने इस राज्य की यात्रा का प्लान बनाया है तो हम आपको बता दे की आप यहां जाने के लिए फ्लाइट, ट्रेन और बस में से किसी का भी चुनाव कर सकते है। मिजोरम की राजधानी आइजोल बहुत सारे शहरों से स्थानीय रूप से जुड़ा हुआ है|

आपको यहां जाने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या का सामना नही करना पड़ेगा। आप आसानी से इस राज्य में जा सकते है और इसकी खूबसूरती का लुत्फ़ उठा सकते है।

Image Source:- https://www.currentnewsdainik.com

Share and Enjoy !

0Shares
0 0 0

Pin It on Pinterest