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Har ki Pauri Haridwar एक धार्मिक स्थल है| उत्तराखंड में स्थित Haridwar उत्तराखंड के चार धामों में से एक है हरिद्वार धार्मिक दृष्टि से बेहद खास स्थान है, यह शहर धार्मिक आकर्षण के लिए जाना जाता है. यहां शाम के समय गंगा आरती देखने के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो जाते हैं|

धार्मिक मंदिरों के अलावा Haridwar में संग्रहालय, क्रिस्टल वर्ल्ड, पतंजलि योगपीठ, नील धरा पक्षी विहार चीला अभ्यारण्य, आदि भी है. यहां विदेशी टूरिस्ट भी बहुत चाव से आते हैं और यहां की सुंदरता देख शांति को महसूस कर यही के हो जाते हैं.चलिए अब जानते हैं यहां के टूरिस्ट प्लेस ओं के बारे में… 

1. हर की पौड़ी (Har ki Pauri)

गंगा नदी के तट पर बसा हुआ यह एक प्रमुख स्थल है और प्रसिद्ध घाट है.लाखों श्रद्धालुओं द्वारा यहां का दौरा किया जाता है . यह भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र है.

2. गंगा आरती 

गंगा आरती का अर्थ है मांँ गंगा की पूजा, हर रोज लाखों की संख्या में लोग शांय काल में इस आरती का हिस्सा बनने आते हैं. यह आरती हर की पौड़ी घाट पर की जाती है. आरती का आयोजन दिन में दो बार होता है. सुबह सूर्योदय और शाम सूर्यास्त के समय.

3. भारत माता

मंदिर यह हरिद्वार का विशाल एवं अनोखा मंदिर है. यह बहुमंजिला मंदिर भारत के स्वतंत्र सेनानी और देश भक्तों को समर्पित है. अगर आप हरिद्वार जाए तो इस मंदिर में जरूर जाए, यहां आपको एक अलग ही अनुभूति का एहसास होगा.

4. चंडी देवी मंदिर 

चंडी देवी मंदिर नील पर्वत पर स्थित है. यह मंदिर मांँ चंडिका देवी को समर्पित है. मांँ चंडिका देवी मांँ  दुर्गा की उर्जा से दानव राजा के शुंभ-निशुंभ को मारने के लिए उत्पन्न हुई थी.

5. मनसा देवी मंदिर

यह मंदिर हरिद्वार से 3 किलोमीटर दूर शिवालिक पर्वत श्रृंखला के बिलवा पर्वत पर स्थित है, और मां के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक है. यह पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र भी है. मान्यता है कि मां मनसा देवी सर्पों की देवी है. मान्यता है कि मनसा देवी मंदिर में आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होगी.

Haridwar

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6.चीला वन्यजीव अभयारण्य 

हरिद्वार को धर्म संस्कृति के साथ साथ वहां की प्रकृति जीव जंतु और भी रोमांचक बनाती है. यह वन्य जीव अभ्यारण हरिद्वार से सिर्फ 18 किलोमीटर दूर स्थित है. यहां हाथी, बाघ, भालू, छोटी बिल्ली जैसी कई प्रजातियां निवास करती हैं. 249 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ यह चीला वन्य जीव अभ्यारण्य पर्यटकों को बेहद शानदार और यादगार अनुभव प्रदान करता है.

7. पतंजलि योगपीठ 

पतंजलि योगपीठ किसी परिचय का मोहताज नहीं. अगर आप आयुर्वेद और योग में रुचि रखते हैं, तो यहां जरूर जाएं. योग और आयुर्वेद में एक चिकित्सा और अनुसंधान संस्था यह भारत के साथ-साथ दुनिया में सबसे बड़े योग संस्थानों में शामिल है, और काफी प्रसिद्ध है.

8. नील धरा पक्षी विहार 

यह हरिद्वार से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. नील पर्वत के नीचे होने के कारण गंगा की इस धारा कौन नील धारा कहते हैं. यह पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है. यहां देशी और विदेशी पक्षियों की कई प्रजातियां देखी जाती है. सर्द मौसम में यहां साइबेरियन क्रेन एवं अन्य प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं. 

9. सप्त ऋषि आश्रम 

हरिद्वार में लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित यह आश्रम पर्यटको के आकर्षण और संस्कृत सीखने का केंद्र है. माना जाता है कि सप्तर्षी अर्थात कश्यप, गौतम, वरिष्ठ, विश्वामित्र, जमदागी, भारद्वाज और अत्रि ने यहां एक बार ध्यान किया था. इस वजह से इस जगह का नाम सप्त ऋषि आश्रम है.

10. शांतिकुंज 

यह विश्व प्रसिद्ध आश्रम अखिल विश्व गायत्री परिवार का मुख्यालय है. आश्रम का उद्देश्य ऋषि परंपराओं को पुनर्जीवित करना है. यह आदर्श स्थान करोड़ों लोगों को आध्यात्मिक सिद्धांत के आधार पर प्रशिक्षण प्रदान करता है. गंगा नदी के तट पर स्थित शांतिकुंज आपको इस शहर में आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ता है.


अगर आप हरिद्वार जा रहे हैं, तो बारा बाजार जरूर जाए. यह रेलवे रोड पर स्थित, हरिद्वार की लोकप्रिय बाजार है. इस बाजार में आप पूजा-पाठ की सामग्री के अलावा, हस्तकला से निर्मित वस्तुएं, रुद्राक्ष के बीज, पाचक चूर्ण और दूध से बनी कई प्रकार की मिठाईयां अपने साथ ले जा सकते हैं. इस बाजार में आयुर्वेदिक दवाइयां काफी लोकप्रिय है.

Image Source:- www.google.com

Writer : Himanshi negi

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