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तीसरा विश्व युद्ध (अमेरिका और ईरान)

America vs iran

क्या दुनिया पर तीसरा विश्व युद्ध का खतरा मंडरा रहा है, या फिर ये भी अमेरिका और कोरिया की लड़ाई की तरह खत्म हो जायेगा| अमेरिका और कोरिया की लड़ाई में कई बार तो ऐसा लगा था मानो सच में परमाणु युद्ध शुरू हो जाएगा| मगर फिर ‘ट्रंप’ और ‘किम जोन उन’ दोनों शांत हो गए, किम जोन उन तो अब भी शांत है|लेकिन एक बार फिर ट्रंप अशांत हो गए है और इस बार उनका निशाना कोरिया नहीं बल्कि ईरान है|


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी सालों पहले से चला आ रहा है| जब 2015 में ईरान ने परमाणु समझौते में हस्ताक्षर किया था|

तनाव तब बढ़ा जब ओमान सागर में अमेरिका के दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया, हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होने लगा|

ओमान सागर में तेल टैंकरों पर हुए अटैक के लिए अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि ईरान ने इससे साफ इनकार किया था|

बीते एक महीने में यह दूसरा मौका था, जब तेल के टैंकरों पर हमला हुआ| इसके बाद रविवार को एक बार फिर उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, ‘ईरानियों को यह स्पष्ट तौर पर समझना होगा कि इस तरह के व्यवहार के खिलाफ जरूरी ऐक्शन लेते रहेंगे|’

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ईरान और अमेरिका की बिकज ज़ुबानी जंग

इस पूरी घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच ज़ुबानी जंग होने लगी| अमेरिका तब तिलमिला उठा जब ईरान ने उसके 13 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी करीब 696 करोड़ रुपये की कीमत वाले मानवरहित ग्लोबल हॉक MQ-4C ट्रटॉन को मार गिराया|

बताया जा रहा है कि ड्रोन ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसकर जासूसी की कोशिश कर रहा था और तभी बिना वक्त गंवाए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रेडार गाइडेड मिसाइल से उसे मार गिराया|

मार गिराया जाने वाला ड्रोन अमेरिका का सबसे मॉडर्न और शक्तिशाली ड्रोन था| इस पूरी घटना पर अमेरिका कोई प्रतिक्रिया करता उससे पहले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की तरफ से एक बयान जारी किया गया और उनकी तरफ से कहा गया कि “अमेरिका हमें हलके में ना ले हम अपनी सीमाओं की हिफ़ाज़त करना जानते हैं|”

अमेरिका ये जनता था कि उसके खिलाफ बात करने की हिम्मत रूस और चीन के बाद ईरान में है तो लेकिन वो ये नहीं जनता था कि उसके एडवांस ड्रोन को जिसे बिना रेडार गाइडेड मिसाइल के नहीं मार गिराया जा सकता उसके ईरान ने मार गिराया है|

इस पूरी घटना पर अमेरिका ने अपनी पहली युद्ध की नीति अपनाते हुए कहा कि, “उसका ड्रोन अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में था ना कि ईरानी हवाई क्षेत्र में|”

अमेरिका के इस बयान पर ईरान ने बिना देर किए एक वीडियो जारी किया| जिसमें ईरानी राडार में अमेरिकी ड्रोन उसकी हवाई सीमा में प्रवेश करता हुआ साफ दिख रहा था|

पूरा मामला

ड्रोन MQ-4C ट्रटॉन के गिराए जाने के कई घंटे बाद राष्ट्रपति ट्रंप के ट्रिवटर अकाउंट से एक ट्वीट किया गया, वो ट्वीट सबको चौंका देने वाला था उस ट्वीट को देख के दुनिया समझ गई कि अब अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई बड़ा ऐक्शन लेने जा रहा है और जंग की शुरूआत किसी भी वक्त हो सकती है|

ट्वीट में लिखा गया था कि ”ईरान ने एक बहुत बड़ी गलती कर दी है| ”इस ट्वीट के रिप्लाई में ईरान ने चौंका देने वाला जवाब दिया उन्होंने कहा “आइये हम जंग के लिए तैयार हैं”|

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के इस ट्वीट के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले की तैयारियों शुरू कर दी| अमेरिकी राष्ट्रपति के दफ्तर से हमले के आदेश भी दे दिए गए|

हमले के सारी तैयारी हो चुकी थी, अमेरिका ने अपने युद्धपोत, लड़ाकू विमान और जंगी जहाज़ ईरान पर हमले के लिए ओमान की खाड़ी में तैनात कर दिया था| मगर तभी वॉशिंगटन से संदेश आया कि हमले की योजना रद्द कर दी गई है|

इस हमले को लेके ट्रंप को उनके सलाहकारों ने समझाया कि ईरान पर इस वक्त ये हमला घातक हो सकता है क्योंकि चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, यूरोपियन यूनियन और ब्रिटेन खुद अमेरिका के पाले में नहीं थे|

अमेरिका के साथ नहीं होने का सबसे बड़ा कारण 2015 में ईरान के साथ परमाणु समझौते बताया गया| इस समझौते में चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, यूरोपियन यूनियन और ब्रिटेन भी शामिल थे और इन देशों का मानना है कि ईरान ने समझौते की हर शर्त का पालन किया है|

ट्रम्प की प्रतिक्रिया

ऐसे में हमले को लेकर सऊदी अरब और इज़राइल को छोड़कर बाकी तमाम देश इस मसले पर ईरान के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं|

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लेकिन ट्रंप किसी भी हालत में ईरान पर हमला करना चाहते हैं इसलिए कभी ओमान की खाड़ी में खड़े तेल टैंकरों पर हमला तो कभी अमेरिकी ड्रोन मार गिराए जाने का बहाना लेकर उसको गलत साबित करने के कोशिश कर रहे है|

इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इस मसले पर प्रतिक्रिया दिखाई हैं| पुतिन ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो ऐसी तबाही मचेगी की उसकी भरपाई करना मुश्किल होगा|

Image Source : Google

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