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विधानसभा चुनावों – देश के मुख्‍य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को पांच राज्यों – तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल की चुनाव तिथियों की घोषणा कर दीं। इस ऐलान के साथ इन सभी राज्‍यों में आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग के अनुसार सभी राज्‍यों के मतदान मार्च और अप्रैल माह में होंगे और मतगणना 2 मई को होगी। उसी दिन मतगणना के अंत तक चुनाव परिणाम घोषित कर दिये जाएंगे।असम (126 सीटें)

पहले चरण का मतदान- 27 मार्च दूसरे चरण का मतदान – 1 अप्रैल तीसरे चरण का मतदान – 6 अप्रैल  केरल (140 सीटें)
एक चरण में चुनाव- मतदान 6 अप्रैल मल्लापुरम लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी इसी दिन मतदान होगा  
तमिलनाडु (234 सीटें)
एक चरण में चुनाव- मतदान 6 अप्रैल 
पुदुचेरी (30 सीटें)
एक चरण में चुनाव- मतदान 6 अप्रैल 
पश्चिम बंगाल (294 सीटें)  यहां 8 चरणों में चुनाव होंगे 

 विधानसभा

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पहले चरण का मतदान – 27 मार्च दूसरे चरण का मतदान –  1 अप्रैल तीसरे चरण का मतदान –  6 अप्रैल चौथे चरण का मतदान – 10 अप्रैल पॉंचवें चरण का मतदान – 17 अप्रैल छठे चरण का मतदान –  22 अप्रैल सातवें चरण का मतदान – 26 अप्रैल आठवें चरण का मतदान – 29 अप्रैल 


सभी राज्‍यों में मतगणा – रविवार 2 मई   त्योहारों और परीक्षाओं का रखा गया ध्‍यान  


विधानसभा चुनावों आयोग ने बताया कि चुनाव का कार्यक्रम तय करते समय आयोग ने होली, बिहू, रमज़ान, आदि त्योहारों का खास ध्‍यान रखा। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में व्‍यवधान नहीं पहुंचे, इसके लिए आयोग ने सीबीएसई बोर्ड के साथ कई बैठकें कीं। यह कोशिश की गई है कि चुनाव की वजह से छात्रों को परेशानी नहीं हो। बिहार की तरह इस बार भी मतदान का समय एक घंटा अधिक होगा।   


उन्‍होंने कहा कि चुनावों के दौरान पर्याप्त सीएपीएफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है और वहां पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में मतदान केंद्रों की वेबकास्‍ट‍िंग की जाएगी। 
चुनाव आयुक्‍त ने बताया कि कोविड दिशा-निर्देशों का सख्‍ती से पालन किया जाएगा। नॉमिनेशन के दौरान प्रत्‍याशी के साथ अधिकतम दो लोग आ सकते हैं, वहीं डोर-टू-डोर प्रचार में भी एक साथ अधिकतम पांच लोग प्रचार कर सकेंगे। इसके अलावा जनसभाओं में लोगों से सुरक्षित दूरी रखने की अपील की गई है।

खास बात यह है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात प्रत्‍येक व्‍यक्ति को वैक्सीन लगेगी। चुनाव आयुक्‍त ने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने चुनाव पर ड्यूटी करने वालों को फ्रंट लाइन वर्कर्स की श्रेणी में रखा है। वैक्सीन का कार्य नीचे से शुरू होगा। यानी कि बूथ लेवल पर तैनात होने वाले लोगों को सबसे पहले और आयोग में कार्यरत अधिकारियों को सबसे अंत में वैक्सीन लगेगी।  

चुनाव से जुड़ी खास बातें 

विधानसभा चुनाव के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। > मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई। > मतदान का समय एक घंटा अधिक रहेगा। > कुल 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट। > पश्चिम बंगाल में 101916 चुनाव केंद्र होंगे। > केरल में 40771 चुनाव केंद्र होंगे। > चुनावके लिए तैनात सभी अधिकारी, कर्मचारी फ्रंट लाइन वर्कर माने जाएंगे, सभी का होगा टीकाकरण। > संवेदनशील बूथों पर सीआरपीएफ की तैनाती होगी। > एम के दास पश्चिम बंगाल में विशेष पुलिस पर्यवेक्षक होंगे। >

उम्मीदवार समेत 5 लोग ही घर-घर जाकर प्रचार कर सकेंगे।>अशोक कुमार असम में विशेष पुलिस पर्यवेक्षक होंगे। >धर्मेंद्र कुमार तमिलनाडु में विशेष पुलिस पर्यवेक्षक होंगे। >पुडुचेरी में उम्मीदवार की खर्च सीमा 22 लाख रुपये। >असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में उम्मीदवार की खर्च सीमा 30.8 लाख रुपये। > चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के कार्यकाल का यह अंतिम चुनाव होगा। 
गौरतलब हो कि पश्चिम बंगाल का 30 मई, तमिलनाडु का 24 मई, केरल का 1 जून, असम का 31 मई और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी का 8 जून को कार्यकाल खत्म हो रहा है।

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