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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्यों में भाजपा को बढ़त मिली है। भाजपा कुल 75 जिलों की | 3051 पदों में 918 पर जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि मतगणना में 456 पदों पर उसके प्रत्याशी आगे थे। वहीं, समाजवादी पार्टी 500 से अधिक सीटें जीत चुकी है।

भाजपा का यदि क्षेत्रवार रिपोर्ट कार्ड देखा जाए तो पश्चिम के 14 जिलों में 446 जिला पंचायत सदस्यों में 132 सीटें जीत चुकी है व 72 पर आगे थी। ब्रज क्षेत्र के 12 जिलों की 463 सीटों में 137 जीत चुकी है, जबकि 74 में आगे चल रही थी। कानपुर के 14 जिलों की 363 सीटों में 107 जीत चुकी है व 70 में आगे चल रही थी। अवध क्षेत्र की 13 जिलों की 679 सीटों में 194 जीत चुकी है व 78 पर आगे चल रही थी। इसी प्रकार काशी क्षेत्र में कुल 12 जिलों की 574 सीटें हैं। इनमें 187 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि 80 सीटों में आगे चल रही थी।

गोरखपुर क्षेत्र में 10 जिलों की 526 सीटों में 161 भाजपा जीत चुकी है, जबकि 82 में वह आगे चल रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने दावा किया कि पंचायत चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन भाजपा से ज्यादा अच्छा रहा है। भाजपा केवल झूठे आंकड़े पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को अंतिम परिणाम आने के बाद सपा अपने जीते प्रत्याशियों की सूचना सार्वजनिक करेगी ।

चुनाव में रविवार से शुरू हुई मतों की गिनती सोमवार देर शाम तक जारी रही। अब तक 38317 ग्राम प्रधान, 232612 ग्राम पंचायत सदस्य तथा 55926 क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। मतगणना मंगलवार तक जारी रहने की संभावना है।

पंचायत में में दिखे अलग अलग रंग

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों ने अलग-अलग रंग दिखाए। कहीं जेठानी देवरानी पर भारी पड़ीं तो कहीं राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को उनके ही बागियों ने हरा दिया। मैनपुरी में भाजपा के समर्थन से लड़ रही मुलायम की भतीजी सपा प्रत्याशी से हार गईं।

भाजपा समर्थित मुलायम की भतीजी सपा प्रत्याशी से हारीं:

मैनपुरी सपा संरक्षक मुलायम सिंह की भतीजी संध्या यादव भाजपा समर्थित प्रत्याशी थीं और वह सपा समर्थित प्रत्याशी से हार गईं। हालांकि, इस परिणाम की आधिकारिक घोषणा देर शाम तक नहीं हुई थी। संध्या यादव ने जिला पंचायत के वार्ड 18 से चुनाव लड़ा था। सपा ने उनके सामने प्रमोद कुमार को उतारा था। प्रमोद ने संध्या यादव को 1907 वोटों के अंतर से पराजित किया है। संध्या यादव पूर्व सांसद धर्मेंद यादव की सगी बहन हैं। कैबिनेट मंत्री की अनुज वधू ने भाजपा प्रत्याशी को हराया मथुरा में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण की पत्नी ममता चौधरी को भाजपा ने इस बार प्रत्याशी नहीं बनाया। ऐसे में लक्ष्मी नारायण की अनुज वधू देववती वार्ड 12 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं। यहां से भाजपा ने चंदा देवी को समर्थन दिया था। देववती ने चंदा देवी को 12 हजार से अधिक मतों से हरा दिया।

सांसद राजवीर सिंह की समधन जीतीं :

अलीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र व एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया की समधन विजय सिंह ने वार्ड संख्या 47 से 232 वोटों से जीत दर्ज की है। यह भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष श्योराज सिंह की पत्नी हैं। वार्ड 43 से अर्चना यादव चुनाव जीती हैं। वे बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन हैं।

फेमिना मिस इंडिया रनर अप दीक्षा तीसरे स्थान पर :

फेमिना मिस इंडिया रनर अप रह चुकीं दीक्षा सिंह का ग्लैमर पंचायत चुनाव में काम नहीं आ सका। जौनपुर में जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। बक्शा विकास खंड से चुनाव लड़ रहीं दीक्षा को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

डकैत ठोकिया का भाई भी बना प्रधान :

मारे गए दस्यु सरदार अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया के छोटे भाई अवधेश उर्फ दीपक पटेल ने चित्रकूट के विकासखंड कर्वी की ग्राम पंचायत बंदरी से जीत हासिल की है। पूर्व सांसद धनंजय की पत्नी जीतीं जौनपुर में जिला पंचायत के वार्ड 45 से पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह ने जीत हासिल की है। उन्होंने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव की पत्नी राजकुमारी यादव को 11 – हजार 823 मतों से हराया।

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