September 18, 2020

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ग्रहों की गति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शिक्षा नीति में क्या खास बात

ग्रहों की गति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शिक्षा नीति में क्या खास बात

29 तारीख को केंद्र सरकार ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’

इसी वर्ष जुलाई माह में 29 तारीख को केंद्र सरकार ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ लेकर आयी है| डॉक्टर कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में गठित की गयी  समिति ने 15 दिसम्बर 2018 में इस शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करके सरकार को सौंपा था| इक्कीसवीं सदी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही इस शिक्षा नीति को तैयार किया गया है| इसका उद्देश्य प्रत्येक छात्र में आंतरिक परिवर्तन के साथ साथ गुणात्मक परिवर्तन तो करना है ही साथ ही साथ उनमें अन्तर्निहित क्षमताओं को भी बाहर लाना है| आज हमलोग यहाँ ज्योतिष के माध्यम से यह जानेंगे कि नई शिक्षा नीति कब लागू होगी ? इसकी चर्चा इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह सिर्फ एक शैक्षणिक ढांचा है| इसके आधार पर जब कानून बनेगा तब यह लागू होगा|
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ज्योतिषीय आकलन जानने से पहले, संक्षेप में यह जान लें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में क्या खास बात बताई गयी है?

1- MHRD का नाम बदलकर मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन किया गया है|
2- पहले से चली आ रही 10 + 2 व्यवस्था को अब 5+3+3+4 किया गया है| फाउंडेशन स्टेज ( कक्षा एक और कक्षा दो ), प्रिपरेटरी स्टेज ( कक्षा तीन, चार और पांच ), माध्यमिक स्टेज ( कक्षा छह, सात और आठ ) और उच्च स्टेज ( कक्षा नौ, दस, ग्यारह और बारह )| स्कूल में विज्ञान, कला और वाणिज्य के स्ट्रीम के विषयों में से  छात्र जो पढ़ना चाहें उन विषयों को लेकर पढाई कर सकते हैं|
3- ग्रेजुएशन चार वर्ष का होगा और यहाँ कई इंट्री और एग्जिट मार्गों की व्यवस्था की गयी है|
4- पोस्ट ग्रेजुएशन एक वर्ष और दो वर्षों का होगा|
5 – M Phil को समाप्त किया गया है|
6- चार वर्षों का PhD होगा|
7- देश से बाहर के वैसे पचास विश्वविद्यालय जो गुणवत्ता के आधार पर सर्वोत्तम हैं, भारत में अपनी शाखा खोल सकेंगे| इसी प्रकार भारत भी अपने यहाँ के शिक्षण संस्थानों की शाखा को अन्य देशों में खोल सकेगा|
8- पहली पांच साल तक पढाई का माध्यम मातृभाषा में होगा|
9- Multidisciplinary Unit University की स्थापना की जाएगी|
10- UGC का काम अलग अलग समिति को सौंपा जायेगा|
11- राष्ट्रीय शिक्षा आयोग का गठन किया जायेगा|
12- जीडीपी का 6% पैसा इस मद हेतु दिया जायेगा|
13- सरकार के खर्चे का कम से कम बीस प्रतिशत इस पर खर्च किया जायेगा|
'राष्ट्रीय शिक्षा नीति'
इस शिक्षा नीति को लेकर भिन्न भिन्न विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की राय भिन्न भिन्न है| कुछ इसे प्रगतिशील  मान रहे हैं तो कुछ के अनुसार यह सिर्फ ” इ कोठी के धान उ कोठी ” करने वाली बात है| आइये जाने कि इसको लेकर ज्योतिष क्या कहता है|
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ज्योतिष के अनुसार-

1-वर्ष 2022 / 2023 में NEP की कुछ बातें लागू  होंगी, जिनमे ECCE ( Early Childhood Care And Education) प्रमुख होगा|
2 – English Medium School यथावत रहेंगे|
3- हायर एजुकेशन में मल्टीडिसिप्लिनरी विश्वविद्यालयों की स्थापना को लेकर वर्ष 2023 के अक्टूबर  माह में कुछ ठोस निर्णय लेने की दिशा में प्रयास शुरू किया जायेगा|
4 – 2023 में ही शिक्षा के व्यवसायीकरण पर नकेल लगाने हेतु प्रयास शुरू किये जायेंगे|
5 – 2023 में ही शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार हेतु भी कठोर निर्णय लिए जायेंगे|
6 – 2023 में ही भारत सरकार द्वारा सभी वैसे विद्यार्थी जो कि लड़की हैं या ट्रांसजेंडर हैं, के लिए ‘ Gender Inclusion Fund’ की व्यवस्था की जाएगी|
7 – 2023 में ही सभी उच्च शिक्षा संस्थानों ( कानूनी और मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर ) के लिए एकल नियामक को बनाया जायेगा| इसपर विवाद की स्थिति भी बन सकती है|
साल 2023 में कुछ अन्य बातों की तरफ भी ग्रहों के संचरण  द्वारा संकेत मिलते है वह हैं –
1 – अल्पसंख्यक को पुनर्परिभाषित किया जा सकता है|
2 – संविधान में बड़े परिवर्तन का साल होगा यह|
3 – वित्तीय संस्थानों, बैंकों की कार्य प्रणाली में अमूल चूल परिवर्तन किये जा सकते हैं| कुछ बैंक बंद किये जा सकते हैं|
4 – जनसंख्या पर लगाम लगाने हेतु कानून बन सकता है| विवाह को लेकर कुछ निर्णय लिए जा सकते हैं|
@ बी कृष्णा

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