Breaking News

Covid19

Covid19 : इस संक्रमण के बाद चिड़ियाघरों और वन्यजीवों को शिकार से बचाने की भी चुनौती बढ़ी

0 0

Covid19, देहरादून और नैनीताल के चिड़ियाघरों में खासतौर पर बिल्ली के प्रजातियों वाले बाघ-गुलदार जैसे जानवरों की विशेष निगरानी की जा रही है

न्यूयॉर्क में बाघिन में (कोविड-19) संक्रमण के बाद उत्तराखंड के कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। देहरादून और नैनीताल के चिड़ियाघरों में खासतौर पर बिल्ली के प्रजातियों वाले बाघ-गुलदार जैसे जानवरों की विशेष निगरानी की जा रही है। कोरोना की मुश्किल तो है ही, जंगल में इस समय शिकार की चुनौती भी बढ़ गई है|

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी और सेंट्रल जू अथॉरिटी ने कैमरा ट्रैप-सीसीटीवी लगाने समेत अन्य गाइडलाइन जारी की है।

हल्द्वानी में कार्बेट के पश्चिमी वृत्त के वन संरक्षक डॉ पराग मधुकर धकाते बताते हैं कि जंगल में संवेदनशील जगहों पर 300 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। यदि कोई बाघ-गुलदार बीमार दिखता है तो इलाज के लिए उसे रेस्क्यू किया जाएगा। इस दौरान यदि कोई वन्यजीव मरा हुआ मिलता है तो पीपीई किट पहनकर ही उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा और सैंपल्स आईसीएआर को भेजे जाएंगे।

Covid19

डॉ. बताते हैं कि नैनीताल चिड़ियाघर में सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई गई है और यहां बाघ,रेड पांडा,गुलदार समेत अन्य वन्यजीवों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। हालांकि जंगल में इस समय शिकार का चुनौती बढ़ गई है।

7 अप्रैल को हल्द्वानी वनप्रभाग के जौलासाल के जंगल में वन्यजीव तस्करों ने वन कर्मियों पर फायरिंग की। 6 तस्करों में से एक को पकड़ लिया गया।

इन्हे पढ़ें:-Corona Virus : अमेरिका की चेतावनी से फूटा बॉलीवुड एक्टर का गुस्सा बोली कुछ ऐसी बात…….

राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने जंगल में शिकारियों की गतिविधियों को लेकर हाईअलर्ट जारी किया है।

वह बताते हैं कि देहरादून में राजाजी पार्क से सटे गांवों जैसे मोथरोवाला,हरिपुरकलां,भानियावाला जैसे क्षेत्रों में रह रहे सपेरा और कंजड़ समुदाय के लोगों को वन विभाग रोजाना भोजन उपलब्ध करा रहा है।

उनके मुताबिक इस समुदाय से जुड़े लोग ही आमतौर पर जंगल में छोटे जानवरों का शिकार करते हैं। लॉकडाउन के चलते इनके पास अभी रोजगार नहीं है। इसलिए इन्हें भोजन दिया जा रहा है। साथ ही इन पर निगाह भी रखी जा रही है।Coronavirus Lockdown में इस सुपरस्टार ने खोजी ‘सोशल डिस्टेंसिंग सेल्फ़ी’, बर्थडे पर किया शेयर

बताते हैं कि Covid19 को देखते हुए वन कर्मियों को सेनेटाइज़र और मास्क दिए गए हैं। लेकिन पीपीई किट्स यहां नहीं है। वह कहते हैं कि जंगल में तो वन्यजीवों का इंसान से सीधे संपर्क नहीं होता। राज्य के सभी पार्क मार्च में ही पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए थे। देहरादून के चिड़ियाघर में भी संक्रमण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

वहां रहने वाले कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी ज़ू में दाखिल नहीं हो रहा है। जानवरों को दिए जाने वाले भोजन को रसायन से साफ किया जा रहा है। पीपीई न होने की सूरत में जानवरों के बाड़े में भोजन देने जाने वाला व्यक्ति डिस्पोज़बल रेनकोट पहनता है।

इन्हे पढ़ें:- शिल्पा शेट्टी के बगीचे में बेंगन और हरी मिर्च

बताते हैं कि Covid19 को देखते हुए वन कर्मियों को सेनेटाइज़र और मास्क दिए गए हैं। लेकिन पीपीई किट्स यहां नहीं है। वह कहते हैं कि जंगल में तो वन्यजीवों का इंसान से सीधे संपर्क नहीं होता। राज्य के सभी पार्क मार्च में ही पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए थे। देहरादून के चिड़ियाघर में भी संक्रमण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

वहां रहने वाले कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी ज़ू में दाखिल नहीं हो रहा है। जानवरों को दिए जाने वाले भोजन को रसायन से साफ किया जा रहा है। पीपीई न होने की सूरत में जानवरों के बाड़े में भोजन देने जाने वाला व्यक्ति डिस्पोज़बल रेनकोट पहनता है।

image source :-www.currentnewsdainik.com

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply