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Current News: विशेष संवाददाता/ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सर्वाधिक प्रभावित 12 राज्यों समेत देश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी का रुझान है। हालांकि, विश्लेषण के लिहाज से यह बहुत शुरुआती रुझान है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेस में दिए प्रजेंटेशन में बताया कि देश में सक्रिय मामले एक मई को 401993 थे, जो तीन मई को घटकर 368147 दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार एक मई को 3689 मौतें हुई थीं, जो तीन मई को 3417 रिकॉर्ड की गई हैं।

नए संक्रमण में गिरावट का रुझान : उन्होंने कहा कि 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना के नए संक्रमण में गिरावट या स्थिर होने का आरंभिक रुझान है। इनमें कई राज्य ऐसे हैं, जो बुरी तरह से कोरोना से प्रभावित हैं। जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड, झारखंड, लद्दाख, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव। कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही अग्रवाल ने कहा कि इस बीच एक सकारात्मक बात यह भी हुई है कि कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोज संक्रमण से उबर रहे हैं।

23 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मामलों में अभी भी बढ़ोतरी का रुझान : हालांकि, उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि 23 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना वायरस महामारी के मामलों में अभी भी बढ़ोतरी का रुझान है। इनमें प्रमुख रूप से आंध्र प्रदेश, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, हरियाणा, असम, चंडीगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, तमिलनाडु शामिल हैं।


5 जी से नहीं होता है संक्रमण:

देश में आजकल सोशल मीडिया पर ऐसे संदेशों की भरमार है जिनमें कोरोना के लिए 5-जी तकनीक की टेस्टिंग को जिम्मेदार बताया जा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि 5 जी टावरों की टेस्टिंग से निकलने वाला रेडिएशन हवा को जहरीला बना रहा है इसलिए लोगों को सांस लेने में मुश्किल आ रही है। साथ ही वायरल पोस्ट में ये भी कहा जा रहा है कि इसी रेडिएशन की वजह से घर में हर जगह करंट लगता रहता है। पोस्ट में सुझाव दिया जा रहा है कि अगर इन टावरों की टेस्टिंग पर रोक लगा दी जाती है तो सब ठीक हो जाएगा। कोरोना से जुड़े तथ्यों और भ्रमों पर विश्व स्वस्थ्य संगठन की तरफ से जारी रिपोर्ट में इस बात का खंडन किया गया है।

26 मार्च को जारी रिपोर्ट में बताया गया है। कि 5 जी मोबाइल नेटवर्क से कोरोना नहीं फैलता है। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि कोरोना मोबाइल नेटवर्क और रेडियो तरंगों के साथ एक जगह से दूसरी जगह पर नहीं पहुंच सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना उन देशों में भी हो रहा है जहां 5 जी मोबाइल नेटवर्क नहीं है।

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