April 1, 2020

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फ़ूड इंडस्ट्री करियर ऑप्शन : ऐसे प्रॉफेशन जो दे सकते है आपके पैशन को उड़ान

फ़ूड इंडस्ट्री करियर ऑप्शन : ऐसे प्रॉफेशन जो दे सकते है आपके पैशन को उड़ान

फ़ूड इंडस्ट्री एक विज्ञान शाखा है जो उत्पादन, प्रसंस्करण, संरक्षण, पैकेजिंग, लेबलिंग, गुणवत्ता प्रबंधन और खाद्य उत्पादों के वितरण में शामिल तकनीकों से संबंधित है। इस क्षेत्र में तकनीक और प्रक्रियाएं भी शामिल हैं| जिनका उपयोग कच्चे माल को पक्के माल (भोजन) में बदलने के लिए किया जाता है| व्यापक शोध खाद्य पदार्थों को खाद्य बनाने के साथ-साथ पौष्टिक भी बनाता है|

फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में फ़ूड टेक्नोलॉजी रॉ इंग्रेडिएंट्स को फ़ूड और अन्य फॉर्म्स में बदलने के लिए फिजिकल, केमिकल या माइक्रोबायोलोजिकल टेक्निक्स और प्रोसेसेज से संबद्ध कार्यों से जुड़ी है. कंफेडरेशन ऑफ इण्डियन इंडस्ट्री के अनुसार भारतीय खाद्य उत्पादों का बाजार विविधता से भरा है|

इसके निचले स्तर पर कच्चे दूध का बड़ा बाजार है, जो सीधा ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ता है| शुद्ध मिल्क, स्वदेश मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पीयूष उपाध्याय कहते हैं, “भारत में किसी दूसरे देश की तुलना में सबसे ज्यादा मवेशी पाले जाते हैं| डेयरी का काम एक इंडस्ट्री का रूप ले चुका है|

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वहीं शहरी क्षेत्रों में कंपनियां लोगों की जरूरतों को समझते हुए सोयाबीन, सी फूड, फलों को संरक्षित कर तुरन्त खा सकने वाले उत्पाद के तौर पर बाजार में उतार रही हैं|इसमें वेटरिनरि साइंस व फूड साइंस में इंजीनियर पेशेवरों के लिये भी मौके हैंऑ बी.फार्मा, बायोटेक और केमिस्ट्री व लाइफ साइंस से ग्रेजुएट व पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के लिये भी रोजगार है|

सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज के डीन डॉ. रमेश चंद्रा का कहना है कि हर साल फूड व डेयरी टेक्नोलॉजी व इससे जुड़े संस्थानों के छात्रों को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट मिल रहा है| कई संस्थान डिप्लोमा व मास्टर डिग्री के कई नए कोर्स करा रहे हैं| डेयरी टेक्नोलॉजी में चार साल के बीटेक या बीएससी कोर्स के साथ इण्डियन डेयरी डिप्लोमा के दो वर्षीय पाठ्यक्रम पहले से ही चल रहे हैं|

आईये तो अब हम आपको बताते है फ़ूड इंडस्ट्री में किस-किस पद पर आपका करियर है :-

डेयरी केमिस्ट/फ्लेवर केमिस्ट :- इसके लिये स्वाद को जानने-समझने वाले युवाओं को चुना जाता है| फूड फ्लेवर केमिस्ट के डिग्री व डिप्लोमा स्तर के कई कोर्स उपलब्ध हैं| शुरुआत में लगभग 20 हजार रुपए प्रतिमाह और अनुभवी युवा को 50 हजार प्रतिमाह तक का वेतन मिल सकता है|

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सेल्स एग्जीक्यूटिव :- फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में सेल्स से जुड़े पेशेवरों के लिये ढेरो मौके हैं, खासकर मार्केटिंग में एमबीए के लिये| बेहतरीन प्रबन्धन व मार्केटिंग स्किल्स का होना जरूरी है| अच्छे इंस्टीट्यूट से मार्केटिंग में डिग्री या डिप्लोमा प्रोफाइल में चार चाँद लगा सकते हैं|

प्रोडक्शन इंजीनियर :- किसी फूड प्रोसेसिंग कम्पनी में प्रोडक्शन इंजीनियर बनने के लिये प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग व मेंटिनेंस में डिग्री होना जरूरी है| शुरुआत 25 हजार प्रतिमाह से हो सकती है।

फील्ड सुपरवाइजर :- सामान्य ग्रेजुएट के लिये इस क्षेत्र में अनेक मौके हैं| यहाँ सैलरी 16 हजार रुपए प्रतिमाह से शुरू हो सकती है।

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फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में युवा बैक्टीरियोलॉजिस्ट, टॉक्सिकोलॉजिस्ट, फूड टेक्नोलॉजिस्ट, फूड बैच मेकर्स, बेकर्स, फूड कुकिंग व मशीन ऑपरेटर्स के तौर पर भी अपनी सेवाएँ देते हैं|

एग्रीकल्चर ऑफिसर :- एग्रीकल्चर में बीएससी व मास्टर डिग्री या टेक्नोलॉजी से जुड़े डिग्री व मैनेजमेंट के कोर्स कर रहे युवा इस पेशे को अपना सकते हैं| वेतन लगभग 25 हजार रुपए प्रतिमाह से शुरू होगा।

क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर :- खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने का जिम्मा इन पेशेवरों पर होता है| शुरुआती वेतन लगभग 50 हजार रुपए प्रतिमाह होगा|

आईये हम आपको बताते है खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी की आवश्यकता :-

जीवन के सभी रूपों के लिए भोजन आवश्यक है; और मनुष्यों को जीवित रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है। आश्रय, कपड़े, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की तरह, भोजन भी मानव जाति के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है|

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अधिकांश खाद्य पदार्थ मूल रूप से जैविक हैं| कटाई, प्रसंस्करण, वितरण, भंडारण और तैयारी की प्रक्रिया काफी जटिल है| पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रक्रिया को समझना, और विभिन्न समस्याओं को हल करना, व्यापक ज्ञान और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है|

खाद्य वैज्ञानिक नवीन पैकेजिंग के साथ-साथ सुरक्षित और पौष्टिक भोजन बनाने के लिए जिम्मेदार हैं, और वह भी बहुतायत में| इस प्रकार, खाद्य वैज्ञानिक हमें अपने खाद्य संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने और संसाधनों की बर्बादी को कम करने की अनुमति देते हैं|

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खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी की बदौलत दुनिया भर में खाद्य प्रणाली का जबरदस्त विकास हुआ है| प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ उपभोग करने के लिए अधिक सुविधाजनक होते हैं, और अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिक स्वादिष्ट और स्वस्थ भी हो सकता है|

Image source: https://www.befunky.com/

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