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भाजपा और जेडीयू के बीच तल्खी लगातार बढ़ती दिख रही है. गंगा में शवों के मिलने के मामले में दोनों दलों के बीच राजनीतिक द्वंद्व और बढ़ता दिख रहा है. भाजपा का मानना है कि जेडीयू की वजह से ही यह मामला इतना बढ़ा है. अगर उसने मामले को बेहतर तरीके से सुलझाया होता यह इतना बड़ा विषय नहीं बनता. भाजपा के बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय भाजपा को भी अपनी शंका से अवगत कराया है. भाजपा के एक नेता ने कहा कि जेडीयू इस मामले के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की छवि को खराब करना चाहती है. उसका यह प्रयास भी है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को भी वह बदनाम कर पाए. यही वजह है कि राज्य सरकार ने बक्सर जिले के चौसा में नदी में शव मिलने का ठीकरा उत्तर प्रदेश सरकार पर फोड़ दिया. वहां पर भाजपा की सरकार है. जेडीयू ने यह सोचा कि अगर उन्होंने शवों को अपने इलाके का बताया तो इससे नीतीश सरकार की बदनामी होगी. अगर उसे उत्तर प्रदेश से बहकर आई लाश करार दे दिया जाए तो इससे केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कटघरे में होगी।

केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया BJP यही वजह है कि हमेशा अपने अधिकारियों को प्रेस वार्ता से दूर रहने की हिदायत देने वाली नीतीश सरकार ने इस मामले में ठीक इसके उलट किया. जिले के डीएम से इस मामले में प्रेस वार्ता कराने के साथ ही उनको यह शंका जाहिर करने की भी इजाजत दे दी कि यह सभी शव उत्तर प्रदेश से बहकर आए. राज्य भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि जब से बंगाल में ममता बनर्जी फिर से सत्ता में आई हैं, उस समय से जेडीयू के व्यवहार में बदलाव आ रहा है. पहले जेडीयू ने भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल के खिलाफ हमलावर रुख अपनाया. इसके बाद गंगा में शव मिलने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के बहाने भाजपा को घेरने का प्रयास किया गया. जेडीयू के इस व्यवहार से केंद्रीय नेतृत्व को भी अवगत कराया गया है. वहीं जेडीयू का इस मामले में कहना है कि भाजपा के नेता अपनी गलती के लिए भी दूसरे को ही दोषी ठहराना चाहते हैं. अगर संजय जायसवाल ने गलत बयान दिया और जेडीयू ने उसका विरोध किया तो क्या यह गलत है।

लालू ने कोरोना से की बिहार सरकार की तुलना

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने बिना नाम लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला. लालू ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना और बिहार सरकार में कुछ समानताएं हैं. दोनों जनजीवन के लिए खतरनाक हैं और दोनों अदृश्य (नजर नहीं आते) हैं. इससे पहले बक्सर के चौसा में नदी में मिलीं लाशों को लेकर भी लालू ने नीतीश सरकार पर तंज कसा. अपने ट्वीट में लालू ने कहा कि जीते जी दवा, ऑक्सीजन, बेड और इलाज नहीं दिया।

मरने के बाद लकड़ी, दो गज कफन और जमीन भी नसीब नहीं हुई. दुर्गति के लिए शवों को गंगा में फेंक दिया. कुत्ते लाशों को नोच रहे हैं. हिंदुओं को दफ़नाया जा रहा है. कहा ले जा रहे हैं देश और इंसानियत को? कुछ दिन पहले ही लालू ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पटना हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा था. लालू ने ट्वीट कर कहा था कि पटना हाई कोर्ट ने बिहार की पूरी स्वास्थ्य सेवा को सेना को सौंप देने की बात कही है।

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