Iran took Britain's oil tanker in possession

ईरान ने ब्रिटेन के तेल टैंकर को लिया आपने कब्जे में

ब्रिटेन ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की कि ईरान ने उसके दो तेल के टैंकर को शुक्रवार को अपने कब्जे में लिया है| साथ ही ब्रिटेन ने ईरान को उनके तेल के टैंकर को न छोड़ने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी है| साथ ही ब्रिटेन ने ईरान को उनके तेल के टैंकर को न छोड़ने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी है|

इससे पहले ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा था कि “उन्होंने तेल के दो ऐसे टैंकर को अपने कब्जे में लिया है जिसपर ब्रिटेन का झंड़ा लगा हुआ था|” बता दें कि रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की यह कार्रवाई ब्रिटेन की उस कार्रवाई के दो हफ्ते बाद आई है जब ब्रिटेन ने ईरान के टैंकर को कब्जे में लिया था|

ब्रिटेन के विदेश सचिव जेरेमी हंट ने ईरान से खाड़ी में अवैध रूप से जब्त किए गए ब्रिटेन के टैंकर को रिहा करने का आग्रह किया है| ब्रिटिश के इस तेल टैंकर में 23 क्रू सदस्यों में जहाज के कप्तान के साथ 18 भारतीय भी शामिल है|

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हंट ने शनिवार को कहा कि “यह होरमुज जलमरुमध्य से गुजरने वाले ब्रिटेन और अंतर्राष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा पर बहुत गंभीर सवाल उठाता है|

” वहीं, भारत ने कहा कि “वह भारतीय नाविकों को छुड़ाने के लिए तेहरान के संपर्क में है|” ईरान ने ब्रिटिश झंडे वाले जहाज-स्टेना इम्पेरो को शुक्रवार को जब्त किया है| जिसमें क्रू के तौर पर भारतीय, रूसी, लातवियाई और फिलिपिनो देशों के नागरिक कार्यरत है|

अधिकारियों के अनुसार अभी तक यह तय नहीं है कि जहाज पर कितने क्रू मेंबर भारतीय है| हम लगातार ईरान सरकार के संपर्क में है ताकि सभी भारतीय बंधक को छुड़ाया जा सके| गौरतलब है कि ईरान और ब्रिटेन के बीच संबंध समय से खराब चल रहे है|

वहीं तेहरान ने कहा कि “जहाज अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग नियमों का उल्लंघन कर रहा था|” अपने ईरानी समकक्ष से फोन पर बात करने के बाद हंट ने कहा कि जिब्राल्टर में ईरानी टैंकर को जब्त करने के बाद ईरान ने इसे ‘जैसे को तैसा’ की नीति के तहत देखा|

लेकिन उन्होंने कहा कि सच्चाई से आगे कुछ नहीं हो सकता| जहाज स्टेना इंपेरो के मालिकों ने कहा कि “वे अब्बास बंदरगाह पर अपने जहाज के 23 क्रू सदस्यों से संपर्क करना चाहते है|”

भारतीयों को छुड़वाने का प्रयास जारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि घटना के आगे के विवरणों को जानने का प्रयास किया जा रहा है| उन्होंने कहा कि “हमारा मिशन भारतीय नागरिकों की शीघ्र रिहाई और देश-प्रत्यावर्तन है| जिसको सुरक्षित करने के लिए ईरान सरकार के संपर्क में है|”

होरमज प्रांत के पोत व समुद्री मामलों के महानिदेशक अल्लाहमोराद अफीफीपोर के बयान का हवाला देते हुए कहा, “स्टेना इम्पेरो के क्रू सदस्यों में 18 भारतीय, 5 रूसी, लातवियाई और फिलिपिनो देशों नागरिक शामिल है| कप्तान भारतीय है, लेकिन टैंकर पर ब्रिटेन का झंडा लगा है|”

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड सेना ने अपनी वेबसाइट पर बयान जारी कर कहा है कि जहाज को “अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानूनों और विनियमों का पालन न करने पर जब्त कर लिया गया|” उसे एक अज्ञात ईरानी बंदरगाह में ले जाया जा रहा है| स्टेना बल्क ने कहा, “उनमें से किसी को भी चोट नहीं आई है| उनकी सुरक्षा मालिकों और प्रबंधकों दोनों के लिए चिंता का विषय है|”

Image Source : Google

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