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Bhopal / राजेन्द्र सिंह जादौन :

एक तरफ़ मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह अपनी उपलब्धियां जनसंपर्क के माध्यम से गिनवाने लगे है और लागतार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सरकारी आंकड़ों में उलझे हुए है ।

दूसरी तरफ़ असपतालो में लोगो का दम घुट रहा है । लोग दवा के लिए बिलक रहे है । ऑक्सीजन ना मिलने से त्राहि त्राहि मची हुई है ।

तो शमशान घाटों ने सरकारी आंकड़ों की पोल खोलना सुरु कर दिया है । और शमशान से उठता धुँआ इस बात की चीख़ चीख़ कर गवाही दे राह है ।। वही कब्रिस्तान में लागतार गढ्ढे खुद रहे है जो इस बात का सुबूत है कि सरकार सिर्फ़ आंकड़ो का खेल खेल रही है ।

अस्पतालों में मातम पसरा हुआ है और बिलखते लोगो की चीख़ सरकार को कोस रही है ।ज़िन्दगी की आस में कतारों में खड़ा आम आदमी सिर्फ़ और सिर्फ़ ज़िन्दगी और मौत की जंग में उलझा हुआ है।

सरकार डंडे और आंकड़ो के दम पर कोरोनो से जंग करने निकली है और जवान चौक चौराहों पर अपनी और अपने परिवार की फिक्र छोड़ कर डंडे को सबसे घातक हथियार समझ कर एक वायरस का मुकाबला करने खड़ा हुआ है ।मन मे डर और चहरे पर युद्ध का भय दिख रहा है ।।

शमशान घाट और क़ब्रिस्तान में अंगारे बरस रहे है । लाशों के ढेर इसबात की गवाही दे रहे है कि ये सिर्फ और सिर्फ़ एक बूचड़ खाना है । जहाँ मौत का कचरा जलाया जा रहा है । क्योकि ना विधि है ना विधान ना पिंड है ना दान है तो सिर्फ बूचड़खाना ?

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