Read Time:10 Minute, 34 Second

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज गुजरात का दौरा करेंगे। इस दौरान वे ताउते तूफान तटों से टकराने के बाद की स्थिति का Aerial Survey करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार सुबह दिल्ली से भावनगर पहुंचेंगे। इसके बाद वे भावनगर, अमरेली और गिर सोमनाथ के तूफान से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान वे केंद्र शासित प्रदेश दीव का भी हवाई सर्वेक्षण करेंगे। बाद में वह अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

तूफान से पहले भी प्रधानमंत्री ने फोन कर लिया था जायजा

राज्य में तूफान की स्थिति से निपटने के लिए सरकार की ओर से की जा रही तैयारियों पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री रूपाणी से टेलीफोन पर बातचीत की थी। उन्होंने तूफान से निपटने के लिए केंद्र सरकार से हरसंभव मदद की बात भी कही थी।

मौसम विज्ञान विभाग से तूफान के संबंध में मिली अहम जानकारी

वहीं मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को बताया कि चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ कमजोर पड़कर ‘गहरे दबाव के क्षेत्र’ में तब्दील हो गया है और अभी दक्षिणी राजस्थान तथा निकटवर्ती गुजरात क्षेत्र में मौजूद है। आईएमडी ने कहा कि इस दबाव क्षेत्र से बुधवार को पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ दूर-दराज के इलाकों में भीषण बारिश का भी अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के संपर्क में आने के कारण उत्तराखंड में बारिश होने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी राजस्थान में अगले 24 घंटे में भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है।

ताउते चक्रवात की तबाही के बावजूद भारतीय नौसेना ने साहस का परिचय देते हुए अब तक मुंबई के निकट अरब सागर में फंसे बजरों से 637 लोगों को रेस्क्यू कर चुकी है। हालांकि, 80 लोग अब भी लापता हैं। नौसेना के अधिकारी ने कहा कि 707 कर्मियों को ले जा रहे तीन बजरे और एक ऑयल रिग सोमवार समुद्र में फंस गया था।

इनमें 273 लोगों को ले जा रहा ‘पी305’ बजरा, 137 कर्मियों को ले जा रहा ‘गल कंस्ट्रक्टर’ और एसएस-3 बजरा शामिल है, जिसमें 196 कर्मी मौजूद थे। साथ ही ‘सागर भूषण’ ऑयल रिग भी समुद्र में फंस गया था, जिसमें 101 कर्मी मौजूद थे। अधिकारी ने कहा कि ‘गल कन्स्ट्रक्टर’ में मौजूद सभी 137 जबकि पी305 में मौजूद 273 में से अधिकतर लोगों को बचा लिया गया है।

यह भी पढ़े:- विदेश में रहने के हिसाब से लगातार ये देश सबसे अच्छा, Mexico दूसरे स्थान पर

Aerial Survey

उन्होंने कहा, “दमन के तटरक्षक वायु स्टेशन से संचालित दो चेतक हेलीकॉप्टरों ने ‘गल कन्स्ट्रक्टर’ में मौजूद कर्मियों को बचाया। एक और चेतक हेलीकॉप्टर को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया है।”

गुजरात में चक्रवाती तूफान के कारण तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ, बिजली के खंभे तथा पेड़ उखड़ गए तथा कई घरों व सड़कों को भी नुकसान पहुंचा। इस दौरान हुई घटनाओं में करीब 13 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं, महाराष्ट्र में कम से कम 16 लोगों के मारे जाने की खबर है।

चक्रवाती तूफान ताउते ने बीते दिन महाराष्ट्र में अपना असर दिखाया, तो वहीं उसके बाद इसने गुजरात में प्रवेश किया। कोरोना संकट के बीच आए इस तूफान ने कई जगह तबाही मचाई, तूफान के कारण बड़ी तैयारियां भी करनी पड़ीं, जिसकी वजह से नुकसान को कुछ हदतक काबू में किया जा सका। सामान्य गति से काफी तेज चलने वाली हवाओं के बीच तूफान ने कैसे तबाही मचाई, इससे जुड़े अहम प्वाइंट्स को जानिए…


– सोमवार देर रात को गुजरात के तटीय इलाकों में पहुंचा ताऊते तूफान, तेज हवाओं की रफ्तार 185 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई।
– अरब सागर से उठे इस तूफान ने मुंबई में तांडव मचाया, गुजरात जा रही दो नौकाएं लापता, 410 यात्री सवार थे। नौसेना की तलाश जारी।  
– मुंबई में ताउते तूफान के कारण 6 लोगों की मौत, 9 लोग घायल हुए। मुंबई में 70 से 80 किमी प्रति घंटे थी हवाओं की रफ्तार।  


– मुंबई के कोलाबा इलाके में सबसे तेज रही हवाओं की रफ्तार, यहां 108 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से चली हवा, कई जगह पेड़ गिरे।
– तेज हवाओं के चलते मुंबई के कई इलाकों में गिरे पेड़, पेड़ों को काटकर रास्तों को खाली किया गया। बीएमसी की टीमें लगातार सड़कों पर एक्टिव रहीं।

– तूफान के चलते मुंबई के खार इलाके में होर्डिंग गिरी, कई जगह पानी भरने की समस्या भी हुई। कुछ जगह सब-वे में पानी भरने के कारण लंबा जाम लग गया।
– ताऊते तूफान का मुंबई लोकल पर भी दिखा असर, विक्रोली और घाटकोपर स्टेशन के बीच ट्रैक पर गिरा पेड़। हालांकि, लोकल को पहले ही बंद कर दिया गया था। 


– तूफान के खतरे के चलते बंद किया गया था मुंबई एयरपोर्ट, मोनोरेल भी बंद की गई थी।
– तूफान के चलते मुंबई का मशहूर बांद्रा-वर्ली सी लिंक बंद है, ये सी लिंक दो दिन बंद रखने का फैसला लिया गया है।
– तूफान के तांडव के बीच मोर्चे पर डटी NDRF, महाराष्ट्र-गुजरात के तटीय इलाकों में कई टीमें तैनात की गई हैं।
– ताऊते तूफान के चलते 600 कोरोना मरीज शिफ्ट किए गए, ये तटीय इलाकों के पास अस्पताल में थे। मुंबई की मेयर ने इसकी जानकारी दी।


– ताऊते तूफान से महाराष्ट्र के हाल पर नजर बनाए हुए है केंद्र सरकार, पीएम मोदी ने सीएम उद्धव ठाकरे से की बात। तूफान गुजरने के बाद भी राज्य में बारिश को लेकर चेतावनी।
– मुंबई की तरह ही वडोदरा में तूफान के मद्देनजर कोविड सेंटर के मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया, 70 मरीजों को सुरक्षित जगह लाया गया है।


– गुजरात के सोमनाथ में रेस्क्यू मिशन में जुटी सेना, सोमनाथ से दीव जाने वाला रास्ता तूफान के कारण बंद हो गया था, जिसे खोलने का प्रयास जारी है। 
– दीव में ताउते तूफान से तबाही मची, यहां तेज हवा में जड़ों से उखड़े दरख्त, कई रास्ते बंद हुए और अब सफाई का अभियान जारी है। 
यहां हम आपको ताउते चक्रवात के बारे में अहम जानकारियां दे रहे हैं।

ताउते नाम का क्या मतलब ?

ताउते इस साल का पहला चक्रवाती तूफान है। इस बार तूफान को यह नाम म्यांमार ने दिया है। ताउते का मतलब होता है कि तेज आवाज करने वाली छिपकली। दरअसल, जितनी बार भी तूफान दस्तक देते हैं, उतनी बार अलग-अलग देश इसे नाम देते हैं।

अगला तूफान जो आएगा, उसका भी नाम तय किया जा चुका है। अगले तूफान का नाम ‘यास’ होगा। इसे ओमान ने दिया है। इससे पहले कई और तरह के तूफान भी आ चुके हैं। कुछ के नाम-बुरेवी, निसग्र, गाती आदि हैं।

कैसे रखे जाते हैं चक्रवाती तूफान के नाम ?

दरअसल, चक्रवाती तूफान का नाम रखने के लिए एक ग्लोबल पैनल है, जिसका नाम वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन/यूनाइटेड नेशंस इकॉनोमिक एंड सोशल कमिश्न फॉर एशिया है। इस पैनल में भारत समेत 13 देश हैं, जोकि तूफान को लेकर गाइडलाइंस भी जारी करते हैं।

भारत के अलावा बांग्लादेश, मालदीव्स, म्यांमार, ओमान, ईरान, पाकिस्तान, श्रीलंका, कतर, थाइलैंड, सउदी अरब, यूएई और यमन शामिल हैं। इन तूफानों का नाम रखने के पीछे जो वजहें होती हैं, उसमें एक यह भी है कि इससे साइक्लोन को याद किया जा सके।

साथ ही यह प्रशासन को भी लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद करता है। पिछले साल नामों की नई लिस्ट बनाई गई थी, जिसमें चार नामों का पहले ही इस्तेमाल किया जा चुका है। इस लिस्ट में पांचवां नाम ताउते है।

Image Source:- www.google.com

About Post Author

Author

administrator