August 4, 2020

करंट न्यूज़

खबर घर घर तक

अगर ‘रहस्यमयी’ मौत न होती तो लोग आज गाड़ी में पेट्रोल की जगह पानी डाल रह होते

अगर 'रहस्यमयी' मौत न होती तो लोग आज गाड़ी में पेट्रोल की जगह पानी डाल रह होते

अरब ने पश्चिमी देशों को तेल देने पर मंजूरी दे दी थी

साल 1973 अरब द्वारा छेड़े गए तेल युद्ध का अंत हो गया था| अरब ने पश्चिमी देशों को तेल देने पर मंजूरी दे दी थी| पर तेल कि कीमतें आसमान छू रही थी| आम आदमी के लिए तेल ‘सोने’ के बराबर हो गया था| तेल एकमात्र ऐसी चीज़ थी, जिसकी पूर्ति ना होने से उद्योगों पर प्रभाव पड़ रहा था|पेट्रोल और डीजल नहीं बल्कि पानी पर चलती हो|जानते थे की उनका एक सपना है जिसे उन्हें पूरा करना है|

यह भी पढ़े:- भारत-चीन तनाव के बीच अचानक लद्दाख में पीएम मोदी-दिया सरप्राइज

पेट्रोल और डीजल नहीं बल्कि पानी पर चलती हो

यातायात ठप पड़ने लगा था| यही वो वक्त था,जब स्टेनली ने वो करने की ठानी जो अब तक दुनिया के बड़े आविष्कारक नहीं कर पाए थे| उन्होंने एक ऐसी गाड़ी बनाने का फैसला किया,जो पेट्रोल और डीजल नहीं बल्कि पानी पर चलती हो| हालांकि,इससे पहले वह गाड़ी पाते उनकी रहस्यमय तरीके से मौत हो गई| क्या है स्टेनली की यह रहस्यों से भरी कहानी जानते है|

भाई स्टेफेन बचपन से ही मिलकर कुछ न कुछ बनाते रहते थे

स्टेनली और उनके भाई स्टेफेन बचपन से ही मिलकर कुछ न कुछ बनाते रहते थे| वह दोनों न तो कोई इंजिनियर थे और न ही कोई आविष्कारक. उन्हें गाड़ी के बार में कोई जानकारी नहीं थी| वह बस इतना जानते थे की उनका एक सपना है जिसे उन्हें पूरा करना है|

यह यंत्र बनाना आसान नहीं था. इतने सालों में कई लोग इस कोशिश में लगे थे पर कोई भी सफल नहीं हुआ था. स्टेनली और स्टेफेन को भी शुरुआती समय में ऐसी ही कई असफलताओं का सामना करना पड़ा. वो जितने भी मॉडल बनाते सब फेल हो जाते| स्टेनली ने वो करने की ठानी जो अब तक दुनिया के बड़े आविष्कारक नहीं कर पाए थे| यातायात ठप पड़ने लगा था|तेल एकमात्र ऐसी चीज़ थी|

 

Image Source:- www.indiatimes.com

Share and Enjoy !

0Shares
0 0

Pin It on Pinterest