March 31, 2020

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प्राणायाम बेनिफिट्स:- प्राणायाम के कुछ अद्भुत फायदे

प्राणायाम बेनिफिट्स

प्राणायाम दो शब्दों के योग से बना है (प्राण+आयाम) पहला शब्द “प्राण” है दूसरा “आयाम”| प्राण का अर्थ जो हमें शक्ति देता है या बल देता है| आयाम का अर्थ उलटा गमन होता है| इस प्रकार प्राणायाम का अर्थ ‘ प्राण का उलटा गमन होता है|

श्वास पर प्राणायाम योगियों ने गहन गंभीर प्रयोग किए और यह निष्कर्ष निकाला की प्राण को साध लेने पर सब कुछ साधा जा सकता है| श्वांसों का संतुलित होना मनुष्य के प्राणों के संतुलन पर निर्भर करता है| प्राणों के सम्यक् व संतुलित प्रवाह को ही प्राणायाम कहते हैं| प्राणायाम योग के आठ अंगों में से एक है| तो आइए जानते है प्राणायाम बेनिफिट्स के अंतर्गत प्राणायाम के कुछ अद्भुत फायदे|

प्राणायाम के कुछ प्रमुख प्रकार हैं:

नाड़ी शोधन प्राणायाम
शीतली प्राणायाम
उज्जायी प्राणायाम
कपालभाती प्राणायाम
डिग्र प्राणायाम
भस्त्रिका प्राणायाम
बाह्य प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम
उद्गित प्राणायाम
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अग्निसार क्रिया

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बेनिफिट्स : प्राणायाम के कुछ अद्भुत फायदे

प्राणायाम का अभ्यास तनाव, अस्थमा और हकलाने से सम्बंधित विकारों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है| प्राणायाम से अवसाद का इलाज भी किया जा सकता है|
स्थिर मन और दृढ़ इच्छा-शक्ति प्राप्त होती है|
इसके अलावा नियमित रूप से प्राणायाम करने से लंबी आयु प्राप्त होती है|
प्राणायाम आपके शरीर में प्राण शक्ति बढ़ाता है|
अगर आपकी कोई नाड़ी रुकी हुई हो तो प्राणायाम उसको खोल देता है|
प्राणायाम मन को स्पष्टता और शरीर को सेहत प्रदान करता है|
शरीर, मन और आत्मा में प्राणायाम करने से तालमेल बनता है|

कफ सम्बंधी विकारों को दूर करने में बहुत सहायक है| सर्दी, जुकाम, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस को ठीक करता है|
तनाव और एंजायटी को कम करता है और प्राण शक्ति को बढ़ाता है| कफ से सम्बंधित गड़बड़ियों को दूर करता है| चित्त को शांत करता है और एकाग्रता को बढ़ाता है| दिल को स्वस्थ रखता है, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, फेफड़ों को ठीक रखता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है|

प्रक्रिया में पैदा होने वाली ध्वनि मन को शांत करती है| ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिलती है और हार्ट रेट कम होता है| नींद न आने और माइग्रेन में भी यह फायदेमंद है| अस्थमा और टीबी को ठीक करने में मददगार है|
गुस्सा और बेचैनी को कम करता है और तनाव से छुटकारा दिलाता है और मन शांत हो जाता है|

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शरीर के टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मददगार है और सांस सम्बंधी बीमारियों को ठीक करता है| शरीर में ऑक्सिजन की सप्लाई को बेहतर बनाता है और रक्त को शुद्ध करता है| शरीर को ठंडा रखने में मददगार है| एसिडिटी और हाइपरटेंशन को ठीक करता है|

इन बातों का रखे ध्यान

  • सबसे पहले तीन बातों की आवश्यकता है, विश्वास, सत्यभावना, दृढ़ता|
  • प्राणायाम करने से पहले हमारा शरीर अन्दर से और बाहर से शुद्ध होना चाहिए|
  • बैठने के लिए नीचे अर्थात भूमि पर आसन बिछाना चाहिए|
  • बैठते समय हमारी रीढ़ की हड्डी एक पंक्ति में अर्थात सीधी होनी चाहिए|
  • सुखासन, सिद्धासन, पद्मासन, वज्रासन किसी भी आसन में बैठें| मगर जिसमें आप अधिक देर बैठ सकते हैं, उसी आसन में बैठें|
  • हमारे हाथों को ज्ञान या किसी अन्य मुद्रा में होना चाहिए|
  • हमारे शरीर में कहीं भी किसी प्रकार का तनाव नहीं होना चाहिए, यदि तनाव में प्राणायाम करेंगे तो उसका लाभ नहीं मिलेगा|
  • प्राणायाम करते समय अपनी शक्ति का अतिक्रमण ना करें|
  • हर साँस का आना जाना बिलकुल आराम से होना चाहिए|
  • जिन लोगो को उच्च रक्त-चाप की शिकायत है, उन्हें अपना रक्त-चाप साधारण होने के बाद धीमी गति से प्राणायाम करना चाहिये|
  • यदि ऑपरेशन हुआ हो तो छः महीने बाद ही प्राणायाम का धीरे-धीरे अभ्यास करें|
  • हर साँस के आने जाने के साथ मन ही मन में ओम् का जाप करने से आपको आध्यात्मिक एवं शारीरिक लाभ मिलेगा और प्राणायाम का लाभ दुगुना होगा|
  • साँसे लेते समय किसी एक चक्र पर ध्यान केंन्द्रित होना चाहिए नहीं तो मन भटक सकता है क्योंकि मन बहुत चंचल होता है|
  • साँसे लेते समय मन ही मन भगवान से प्रार्थना करनी है कि “हमारे शरीर के सारे रोग शरीर से बाहर निकाल दें और हमारे शरीर में सारे ब्रह्मांड की सारी ऊर्जा, ओज, तेजस्विता हमारे शरीर में डाल दें”|
  • ऐसा नहीं है कि केवल बीमार लोगों को ही प्राणायाम करना चाहिए| यदि बीमार नहीं भी हैं तो सदा निरोगी रहने की प्रार्थना के साथ प्राणायाम करें|

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प्राणायाम को अगर आप अपने रूटीन का एक अभिन्न अंग बना लें तो कई बेनिफिट्स पा सकते हैं जिनमे लम्बी उम्र और निरोगी काया भी शामिल हैं|

Image Source : www.patrika.com

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