Read Time:4 Minute, 4 Second

Rohingya Man arrested by ATS: संतकबीरनगर से फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़े गए रोहिंग्या अजीजुल हक ने आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की पूछताछ में ऐसे कई राज उगले हैं, जिनके सामने आने के बाद पुलिस ने कई जिलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रोहिंग्या की हवाला नेटवर्क में भी पैठ जम चुकी है और वे हवाला के जरिये ही म्यांमार व बांग्लादेश में अपनों को रकम तक भेज रहे हैं। रोहिंग्या से मोटा कमीशन वसूलकर उन्हें बांग्लादेश के रास्ते घुसपैठ कराकर सुबे में ठिकाना दिलाने का खेल भी चल रहा था।

rohingya muslims in india 2

एटीएस ने अजीजुल के मोबाइल फोन के डेटा का विश्लेषण भी किया है। जांच में पता चला कि रोहिंग्या बांग्लादेश के रास्ते भारत में बसीरहाट सीमा के रास्ते शुस रहे तीन हजार रोहिंग्या के ठिकाना बनाने की आशंका यूपी में करीब तीन हजार रोहिंग्या के पहचान बदलकर रहने की आशंका है। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि अजीजुल से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर कई जिलों में अवैध दंग से रहे रोहिंग्या को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। कई बिंदुओं पर अभी छानबीन चल रही है। वहां इच्छामती नदी के रास्ते वे सरहद में प्रवेश करते हैं । संयुक्त राष्ट्र का रिफ्यूजी कार्ड लेने वाले रोहिग्या की संख्या सीमित है ।

rohingya muslims in india

घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या यहां अपने समुदाय के बीच कुछ दिनों रहने के बाद मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में किराये का मकान लेकर रहने लगते हैं, जिसके बाद उनका जन्म प्रमाणपत्र समेत अन्य फर्जी दस्तावेज बनवाने का खेल शुरू होता है। कुछ पढ़े लिखे रोहिंग्या युवक हिंदी व उर्दू आसानी से बोल व पढ़ लेते हैं। अजीजुल से पूछताछ में कई रोहिंग्या के संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, अलीगढ़ व मेरठ में रहने की बात भी सामने आई है। रोहिग्या आपस में एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं और घूम घूमकर चंदा जुटाने का प्रयास करते हैं।

इसे भी पढ़े:विधान परिषद् चुनाव को लेकर भाजपा में मंथन

Rohingya Man arrested by ATS: अजीजुल ने कई रोहिंग्या को कमीशन लेकर भारत लाने की बात भी स्वीकार की है। उसका बहनोई नूर आलम भी इस नेटवर्क से जुड़ा था। संतकबीरनगर में रहने के दौरान अजीजुल्ला के नाम से दो पासपोर्ट बनवाने के बाद अजीजुल ने बांग्लादेश व सऊदी अरब की यात्राएं की थीं। उसके पांच बैंक खातों में रकम भी जमा कराई गई। यही वजह है कि एटीएस रोहिं्या के इस गहराते नेटवर्क के पीछे टेरर फंडिग के तार भी खंगाल रही है। पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर: कोर्ट ने अजीजुल के फर्जी दस्तावेज बनवाने में मददगार रहे खलीलाबाद नगर पालिका के संविदा कर्मचारी अब्दुल मन्नान की भी पांच दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है।

https://indianexpress.com/article/cities/lucknow/rohingya-man-arrested-by-ats-was-illegally-living-in-india-since-2001-up-police-7135981/

About Post Author

Author

administrator