Sonbhadra massacre: Priyanka Gandhi detained on her way to meet victims

सोनभद्र हत्याकांड : क्यों रोका बीच रास्ते में प्रियंका गाँधी को?

सोनभद्र हत्याकांड ऐसा कांड है, जो सीधे-सीधे उत्तर प्रदेश की प्रशासनिकता को दर्शाता है| सोनभद्र में बेखौफ दबंगों ने दिन-दहाड़े जमीन के लिए ताबड़-तोड़ गोलियां बरसाई| 32 ट्रैक्टरों पर सवार होकर 300 लोग गांव में घुसे और लाशें बिछा दी| पूरे उत्तर प्रदेश में गैंग्स ऑफ सोनभद्र ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया|

सोनभद्र के इस हत्याकांड ने पुरे देश को हिला दिया है| अब बस ये सवाल उठ रहे है की कहा है योगी सरकार? कहाँ है उत्तर प्रदेश पुलिस? आखिर क्यों मासूमों का खून निकला गया? इतना सब कुछ क्यों, कब पर कहाँ हुआ? किसने करवाया और क्यों?

बुधवार को सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के मूर्तिया गांव में जमीन कब्जाने को लेकर फायरिंग हुई थी| गांव के बाहरी इलाके में सैकड़ों बीघा खेत है| जिस पर गांव के कुछ लोग पुश्तैनी तौर पर खेती करते आ रहे है| गांव वालों के मुताबिक इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा प्रधान के नाम पर है|

ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से 100 बीघा जमीन खरीदी थी| यज्ञदत्त ने इस जमीन पर कब्जे के लिए लगभग 300 लोगों के साथ मिलकर जो खुद उनके साथी थे| ट्रैक्टर से जमीन जोतने की कोशिश की| स्थानीय ग्रामीणों ने इसके खिलाफ़ विरोध किया| इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने गांव वालों पर ताबड़-तोड़ गोलियां चलना शुरू कर दिया था| जिसकी वजह से वहां पर 10 लोगों की मौत हो गई| जबकि 23 लोग घायल हुए है और अभी भी अस्पताल में है|

जिसमें से किसी की टांग पर और किसी के हाथ पर गोली लगी| किसी के सर पर चोट लगी| तो किसी को पुलिस स्ट्रेचर पर अस्पताल ले कर जा रही है| इसमें महिलाएं और पुरषों दोनों को गोली लगी है| ये सब सोनभद्र जिले के नरसंहार में देखने को मिला है|

प्रियंका गाँधी ने घेरा योगी सरकार को |

हाथ-पेर ठंडे कर देने वाली ये वारदात हाल के सालों में उत्तर प्रदेश में हुई सबसे ज्यादा खून-खराबे वाली घटना है| इस मामले में प्रियंका गाँधी ने योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाते हुए एक ट्वीट किया| जिसमें उन्होंने ये कहा कि “भाजपा-राज में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि दिन-दहाड़े हत्याओं का दौर जारी है|” योगी आदित्यनाथ ने पीड़ितों के परिवार को 5 लाख रुपया देने के ऐलान किया है|

प्रियंका गाँधी को क्यों रोका बीच रास्ते में?

जमीन विवाद में सोनभद्र में 10 लोगों की हत्या के बाद प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए वहां जा रही थी| सोनभद्र में पीड़ित परिवारों से मिलने से रोके जाने पर नारायणपुर में धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी ने कहा, “हम बस पीड़ित परिवार से मिलना चाहते है| मैंने तो यहां तक कहा कि मेरे साथ सिर्फ 4 लोग होंगे| फिर भी प्रशासन हमें वहां जाने नहीं दे रहा है| उन्हें हमें बताना चाहिए कि हमें क्यों रोका जा रहा है| हम यहां शांति से बैठे रहेंगे|”

बाद में पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया था| हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले गए| इस दौरान कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन वे जहां ले जाएंगे हम जाने को तैयार है| लेकिन झुकेंगे नहीं|”

प्रियंका गांधी ने पुलिस के पास रोके जाने का ऑर्डर नहीं होने की दलील दी| प्रियंका गांधी को मिर्ज़ापुर के करीब नारायणपुर में रोका गया तो वह सड़क पर ही धरने पर बैठ गई थी| प्रियंका गाँधी ने सवाल किया की मुझे क्यों रोका गया है यहां पर| जिसने भी बोला है बताओं तो|

इससे पहले प्रियंका गांधी ने वाराणसी के ट्रामा सेंटर में सोनभद्र की घटना में घायलों से मुलाकात की| इस दौरान सोनभद्र हत्याकांड के घायलों के परिनजनों ने प्रियंका गांधी से आपबीती सुनाई| इस बीच, सोनभद्र के घटना वाले इलाके में उत्तर प्रदेश प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दिया है|

न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में प्रियंका गांधी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हां, हम अभी भी नहीं झुकेंगे| हम शांति के साथ पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे| मुझे नहीं पता कि ये लोग कहां ले जा रहे हैं| हम लोग कहीं भी जाने के लिए तैयार हैं|”

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कांग्रेस ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए कहा, “यूपी की अजय सिंह बिष्ट सरकार द्वारा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से जबरन रोकना लोकशाही का अपमान है| बगैर लिखित आदेश और संविधान की मूल भावना के विपरीत अजय सिंह बिष्ट सरकार का यह कदम तानाशाही को दर्शाता है|”

इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी अजय सिंह बिष्ट सरकार की तानाशाही का निकृष्टतम उदाहरण है| हम पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दृढ संकल्पित हैं और भाजपा सरकार के इन ओछे हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं|”

सरकार ने अब तक क्या-क्या किया है?

पुलिस ने इस सामूहिक हत्याकांड के मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है| इस मामले में 61 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है| जिसमें 50 अज्ञात है| एक स्थानीय व्यक्ति लल्लु सिंह की याचिका पर गांव के मुखिया यज्ञदूत व उसके भाई और अन्य पर भी एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है|

आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए| गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर आदिवासियों को सुरक्षा मुहैया कराई| प्रकरण की भलीभांति जांच कराई जाए| आयोग ने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो| दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाना चाहिए ताकि वे जमानत ना पा सके|

Image Source : Google

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