This monsoon don't be a victim of diseases

इस मॉनसून ना हों बीमारियों के शिकार

देश भर में मॉनसून ने दस्तक दे दी है| पूर्व से लेकर पश्चिम, उत्तर से ले कर दक्षिण लगभग हर तरफ बरसात का मौसम है| ऐसे में जगह-जगह जल भरा रहता है| जिसमें मच्छर और कीड़े पनपते हैं| जो की कई तरह की बीमारियों को बुलावा देता है|

बारिश के मौसम में नमी भी बढ़ जाती है| जिसकी वजह से बैक्टीरिया खाने व पानी को दूषित कर के शरीर में बहुत सी बीमारियों को जन्म देते हैं| आप बीमार न हो जाएँ इसलिए हम आपको बताते हैं बारिश की कुछ आम बीमारियां और उनसे बचने के उपाय|

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मलेरिया

बारिश के मौसम में मलेरिया बहुत आम है| यह भरे हुए पानी में पनपे मच्छरों के काटने से होता है| लेकिन यह एक गंभीर संक्रमक बीमारी है| यह मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से फैलता है| इससे बचने के लिए अपने आसपास बारिश का पानी जमा न होने दें, साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें|

मलेरिया का मच्छर शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच में काटता है| तो रात में उनसे बचने के उपाय कर के रखें| जैसे मच्छरदानी का उपयोग, मॉस्किटो रेपलेंट क्रीम या ऑल आउट/मॉर्टिन का उपयोग करें| मच्छर ज्यादातर बेड के नीचे, अलमारी के पीछे, पर्दों के पीछे जैसी जगहों पर रहते हैं| रात को आपके सोने बाद ही वो बाहर निकलते हैं| इसलिए सोने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपके आसपास मच्छर नहीं हैं|

डेंगू

डेंगू बुखार भी मच्छरों से ही फैलने वाली बीमारी है| लेकिन एक बात का हमेशा ध्यान रहे कि डेंगू के मच्छर साफ़ पानी में पनपते हैं| यह एडिस नामक मच्छर के काटने से फैलता है| इसे हड्डीतोड़ बुखार भी कहते हैं क्योंकि इसमें मरीज़ की हड्डियों व जोड़ों में ऐसा दर्द होता है जैसे हड्डियां टूट गयीं हों|

इससे बचने के लिए अपने घर में व आसपास साफ सफाई रखें| पानी को इक्कट्ठा न होने दें| डेंगू के मरीज़ों को नारियल पानी, संतरे का जूस व पपीते के पत्ते का रस दें| यह जल्दी बीमारी ठीक करने में मदद करेगा| डॉक्टर की सलाह अवश्य लें|

चिकनगुनिआ

चिकनगुनिआ भी मच्छरों द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी है| एडिस मच्छर के काटने से फैलता है| इसमें बुखार तो 3 से 4 दिन के लिए रहता है| लेकिन जोड़ों का दर्द महीनों तक नहीं जाता| इसके मरीज़ को काफी लम्बे समय तक कमज़ोरी व अनिद्रा के भी शिकार रहते हैं|

इससे भी बचने के लिए पानी में मच्छरों को न पनपने दें| पूरे ढके हुए कपडे पहन कर रखें जिससे मच्छर काटने की संभावना कम रहेगी| मच्छरों को दूर भागने वाले स्प्रे, धूप बत्ती, ओडोमॉस आदि का इस्तेमाल करें|

डायरिया

बरसात के मौसम में डायरिया होना बेहद आम है| यह बैक्टीरिया व वायरस के कारण हो सकता है| डायरिया से पेटदर्द, उल्टी, दस्त, जैसी समस्याएं हो सकती हैं| कहने को तो काफी साधारण सी चीज़ें हैं| लेकिन शरीर का पानी निकल जाने की वजह से मरीज़ को काफी कमज़ोरी का भी सामना करना पड़ता है|

अगर ये ज्यादा लम्बे समय तक रहे तो जानलेवा भी साबित हो सकता है| यह दूषित खाने व पानी का सेवन करने से होता है| इसलिए खाने पीने की सामग्री को ढक कर रखें| ज्यादा से ज्यादा पानी पियें, ओआरएस लें, खाना कम खाएं, जूस एवं तरल पदार्थों का सेवन करें| तले, भुने, एवं चटपटे भोजन से परहेज़ करें| डॉक्टर को अवश्य दिखाएँ| घर में चिकित्सा करने की कोशिश न करें|

हैजा

वायब्रीयो कॉलेरी नाम के जीवाणु के कारण दूषित हुए भोजन एवं जल पदार्थ के सेवन से यह रोग होता है| यह एक ऐसी संक्रामक बीमारी है| जो मनुष्य की इंटेसटाइन्स को प्रभावित करती है| जिससे पतले दस्त होकर शरीर में पानी की कमी हो जाती है| सही समय पर इलाज न करने से व्यक्ति की जान भी जा सकती है|

हैजा का जीवाणु गन्दगी में पनपता है| इसलिए इससे बचने के लिए साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें| मरीज़ को सबसे पहले डॉक्टर के पास ले कर जाएँ| बिमारी को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए ओआरएस का घोल दें| नीम्बू पानी में नारियल पानी मिलाकर दें| लौंग डालकर पानी को उबाल लें और रोगी को वही पानी पिलायें| हैजा में पुदीना बहुत कारगर होता है| रोगी को पुदीने का सत्व हर थोड़ी देर में देते रहें|

Image Source : Google

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