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तुलसी : फायदेमंद और नुकसानदायक

Tulsi advantage and disadvantage

तुलसी को भारत में पवित्र माना जाता है| धार्मिक महत्व को देखते हुए कई घरों में इसकी पूजा की जाती है| यह मूल रूप से भारत की ही है लेकिन अब इसको देश-विदेश में भी उगाया जाता है| इसके पौधे को आयुर्वेदा ने अपनाया है क्योंकि इसके अंदर कुछ ऐसे गुण होते है जो हमें बीमारियों से बचाने में बहुत काम आते है|

आयुर्वेद में तुलसी को दो प्रकार का बताया गया है : हरी तुलसी (राम तुलसी) और काली तुलसी (कृष्ण तुलसी)| हालांकि इन दोनों के रसायनिक संरचना में ज्यादा फ़र्क नहीं है और दोनों ही सेहत के लिए गुणकारी होते है| हर भारतीय घरों में इसका पौधा तो जरूर होता है क्योंकि यह माना जाता है की इसके घर में होने से सुख समृद्धि में वृद्धि होती है| आज इस लेख में आप पवित्र तुलसी के फायदे और नुकसान की जानकारी प्राप्‍त करेगें| आइऐ जाने इसके फायदे क्‍या हैं|

तुलसी के फ़ायदे:-

बेसिल जिसे हम मीठी तुलसी भी कह सकते हैं, यह हमारी बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के लिए प्रभावी दवा के रूप में उपयोग की जाती है| इसमें बहुत से एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं|

चिंता :-

प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि खाना खाने के बाद हर रोज दो बार इसके पत्ते को खाने से चिंता से जुड़े लोगों में चिंता और तनाव और अवसाद कम हो जाता है|

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दाँत का मैल :- इसका उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में भी किया जाता है| खाना खाने के बाद अगर इसके पत्ते को खाया जाये तो आपके मुँह से न तो स्मेल आएगी और ना ही दाँत ख़राब होंगे|

मधुमेह :- इसके द्वारा आपके शरीर का शुगर लेवल कम हो जाता है| यह मधुमेह वाले लोगो के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद है|

अस्थमा के इलाज में :- अस्थमा जैसी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आप इसकी पत्तियां, अदरक और शहद में मिलाकर काढ़ा बना ले और इसका नियमित रूप से दिन में दो बार सेवन करें| यह अस्‍थमा जैसी गंभीर समस्‍या से आपको छुटकारा दिलाने में मददकरी साबित होगा|

सिर दर्द में उपयोगी :- आप शायद जानते होगें कि यदि सिर दर्द का समय पर उपचार न किया जाए तो यह बहुत ही ज्यादा बढ़ सकता है| लेकिन सिर दर्द से तत्‍काल राहत पाने के लिए आपके आंगन में लगी हुई तुलसी का उपयोग करें| तुलसी के पत्ते और चंदन को मिलाकर पेस्ट तैयार कर ले और अपने माथे पर लगाए इससे आपको बहुत ही राहत मिलेगी|

मुँहासो से बचे :- जीवाणुरोधी और एंटीसेप्टिक गुणों की अच्‍छी मात्रा तुलसी में मौजूद रहती है जो आपकी त्‍वचा में मौजूद बैक्‍टीरिया को नष्‍ट कर देते है और आपकी त्वचा को भी सुरक्षित रखते है| आप अपने चेहरे से मुँहासे कम करने के लिए इसके पत्‍ते, मुलतानी मिट्टी और गुलाब जल को मिलाकर पेस्ट तैयार करे और उसके अच्छे से पैक की तरह आपने फेस पर लगा ले| इससे कुछ दिन में ही मुँहासे कम नज़र आने लगेंगे|

आईये अब हम जानते है की तुलसी का सेवन कैसे करना चाहिए :

आप सामान्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के उपचार के लिए रोजाना 3 ग्राम से 20 ग्राम तक इसके पत्‍तों से निकाले गए रस या उसके पत्तों का सेवन कर सकते हैं| इससे अधिक मात्रा का सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है| हाइपोग्‍लाइसेमिक प्रभाव के लिए 2.5 ग्राम तुलसी का पाउडर 200 ग्राम पानी के साथ 2 महीने तक इसका रोज सेवन कर सकते है|

तुलसी के नुकसान:-

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अधिक मात्रा में तुलसी का सेवन करने पर इसके कुछ दुष्‍प्रभाव भी हो सकते है| इसके पत्‍तों का उपयोग करने पर कुछ लोगों को एलर्जी भी हो जाती है| आइए जाने तुलसी के नुकसान क्‍या है|

हमारे खून को पतला करने की क्षमता तुलसी में मौजूद होती है, इसलिए यदि आप खून पतला करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो इनके साथ इसके पत्‍तों का उपयोग बिलकुल ना करें, यह आपके खून को अत्‍यधिक पतला करने का कारण बन सकता है|

इसका उपयोग शुगर लेवल को कम करने के लिए किया जाता है| लेकिन यदि इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है तो यह आपके शरीर में ग्‍लोकोज की मात्रा को बहुत ही कम कर देता है जिसके कारण आपको बहुत सारी परेशानियां झेलनी पड़ सकती है|

गर्भवती महिलाओं को तुलसी का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कारण माँ और बच्चे दोनों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है| तुलसी को खाने से गर्भवती महिलाओं का गर्भाशय सिकुड़ सकता है जिससे बच्चे के जन्म के दौरान समस्या पैदा हो सकती है और मासिक धर्म में भी मुश्किल आ जाती है|

Image source : Google

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