April 1, 2020

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Union Budget 2020 : वित्त मंत्री का ऐलान, LIC में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

Union Budget 2020

Union Budget 2020 – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश के लिए नए दशक का बजट पेश किया| जिसमें किसानों की आय अगले 2 साल में दोगूनी करने की बात कही तो| इधर सरकार ने बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम LIC की बड़ी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान कर दिया| इसके अलावा वित्त मंत्री ने आईडीबीआई बैंक में भी अपनी हिस्सेदारी बेचने की बात कही|

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देश की वित्त मंत्री ने अपने भाषण में भारतीय जीवन बीमा निगम LIC का बड़ा हिस्सी बेचने की बात कही| वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम का आईपीओ लेकर आएगी और इसके जरिए एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी| हालांकि वित्त मंत्री के इस भाषण के दौरान सदन में विपक्षी सांसदो ने विरोध किया|

कितना हिस्सा रखेगी सरकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार IDBI बैंक की हिस्सेदारी भी निजी कंपनियों को बेचेगी| लेकिन इन सबका नियंत्रण सरकार के पास ही रहेगा| लेकिन सबसे अहम बात यह है कि वित्त मंत्री ने अभी इस बात का खुलासा नहीं किया है कि सरकार के पास इसकी कितनी हिस्सेदारी रहेगी| इसी बीच वित्त मंत्री ने अपने भाषण में यह भी साफ कर दिया है कि सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा प्रांरभिक सार्वजनिक पेशकश IPO के जरिए बेचने का प्रस्ताव करती है|

Union Budget 2020 – जमा धनराशि की सीमा बढ़ाई

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार एनबीएफसी और गृह वित्त निगमों की तरलता की कमी को दूर करने के लिए एक तंत्र सुनिश्चित करेगी| सरकार इसके लिए एनबीएफसी की तरलता प्रदान करने लिए प्रतिभूतियों को गांरटी देकर समर्थन की पेशकश करेगी| केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए कहा कि बैंको में जमा धनराशि पर बीमा की सीमा को एक लाख रूपए से बढ़ाकर पांच लाख रूपए कर दिया गया है| पहले बैंक जमा राशि पर गारंटी तीन लाख तक की थी| लेकिन नए बजट के बाद इस गांरटी की सीमा को बढ़ा दिया गया है| अब इसे तीन लाख रूपए से बढ़ाकर पांच लाख रूपये कर दिया है|

बढ़ता चला गया LIC का NPA

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2020 पेश करते हुए कहा कि बैंकों में जमा धनराशि पर बीमा की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है| साथ ही उन्होंने कहा कि बैंक जमा राशि पर गारंटी बढ़ा दी गई है| बैंक जमा पर गारंटी की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है|

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देश की ज्यादातर बड़ी आबादी भारतीय बीमा निगम LIC पर जमकर भरोसा करती है| देश के करोड़ों लोगों ने आंख मूंदकर अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा एलआईसी की योजनाओं में लगा रखा है| लेकिन अगर हाल के वर्षों पर नजर डाले तो एलआईसी के पास मौजूद नकदी के बड़े भंडार पर जोखिम बढ़ रहा है|

इस वित्त वर्ष एलआईसी का एनपीए बढ़ा

इस वित्त वर्ष यानी साल 2019-20 के शुरूआती 6 महीनों में एलआईसी की गैर निष्पादित संपत्ति यानी एनपीए में 6.10 फीसदी की बढ़त हुई थी| यह एनपीए निजी क्षेत्र की बैंक यस बैंक, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक के आसपास ही है|

एलआईसी से कर्ज लेकर दबा लेने वाली डिफॉल्टर कंपनियों में कई बड़े नाम शामिल हैं| इनमें एस्सार पोर्ट, गैमन, IL&FS, डेक्कन क्रॉनिकल, वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज, आलोक इंडस्ट्रीज, भूषण पावर, अमट्रैक ऑटो, एबीजी श‍िपयार्ड, जीवीके पावर, यूनिटेक और जीटीएल शामिल हैं| एलआईसी ने ऐसी कई कंपनियों को टर्म लोन और एनसीडी के रूप में कर्ज दिया है| इनमें से कई डिफॉल्टर से पैसा वापस मिलना काफी मुश्किल है|

Image Source : youtube

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