Read Time:2 Minute, 52 Second

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में रविवार को आरंभ हुई वोटों की गिनती में देर शाम तक 16,510 ग्राम प्रधान, 12,358 ग्राम पंचायत सदस्य तथा 35,812 क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित घोषित हुए। मतगणना का कार्य जारी है। सोमवार दोपहर बाद ही अंतिम परिणाम आने की संभावना है। प्रारंभिक नतीजों के आधार पर माना जा रहा है कि पंचायतों की सरकार में इस बार अधिकतर नए चेहरे नजर आएंगे।

मतगणना में कोरोना का खौफ हावी रहा परंतु बाहर समर्थकों की भीड़ ने कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ा दीं। भीड़ को काबू करने के लिए कई स्थानों पर बल प्रयोग करने की कोशिशें भी कारगर नहीं हो सकीं। संक्रमण का खतरा गिनती को रफ्तार नहीं पकड़ने दे रहा है। प्रातः आठ बजे प्रदेश के 829 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती का कार्य शुरू हुआ। मतगणना स्थलों में प्रवेश के लिए कोविड टेस्ट में कई स्थानों पर कर्मचारी पॉजिटिव पाए जाने पर असमंजस की स्थिति बनी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि मतगणना कार्य शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। आक्सीमीटर व थर्मामीटर से स्कैनिंग कराकर ही कर्मचारियों व उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को प्रवेश करने दिया गया। मास्क लगाने और मतगणना टेबलों पर सुरक्षित शारीरिक दूरी अपनाने का प्रयास किया गया है। उल्लेखनीय है कि जिला सदस्य के 3,050 पदों के लिए 44,307 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों पर 3,42,439 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रधान पद के लिए 4,64,717 तथा ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए 4,38,277 उम्मीदवार चुनाव में उतरे हैं। मतगणना में सुस्ती की वजह मतपत्रों के जरिये चुनाव होना है। चार मतपत्रों की बंडलिंग व अलग अलग गिनती होने में विलंब होता है। सूत्रों का कहना है कि संक्रमण से डरे अधिकतर कर्मचारी मतपत्रों को छूने से पहले उन्हें सैनिटाइज करते दिखे। हालांकि निर्वाचन आयोग ने मतपेटियों को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए थे।

About Post Author

Author

administrator