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West Bengal News: प.बंगाल में अगले महीने राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। बीते हफ्ते ही चुनाव आयोग की टीम ने राज्य में चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। प. बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे देश की नजरें टिकी हुई है। देश में चुनाव के दौरान सबसे अधिक हिंसा यहीं होती है। यहां की चुनावी तस्वीर डराती है। ये तो हुआ सिक्के का एक पहलू। लेकिन प. बंगाल में सिक्के का दूसरा पहलू चमकदार व सुखद अहसास कराता है। देश के दूसरे राज्यों में ‘आयाराम गयाराम का खेल पूरे साल चलता रहता है। सरकारें बनती और गिरती है। मुख्यमंत्री भी बदलते रहते हैं।

देश के कई राज्यों ने एक दिन, दो दिन वसप्ताह भर के मुख्यमंत्री भी देखे हैं। लेकिन प. बंगाल देश को अलग संदेश देता है। आपातकाल के बाद ज्योति बसु 21 जून 1977 में राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। तब से लेकर बीते 44 सालों में राज्य ने सिर्फ तीन मुख्यमंत्री ही देखे हैं। ज्योति बसु, बुद्धदेव भट्टाचार्य व ममता बनर्जी। इस दौर में महाराष्ट्र 14 मुख्यमंत्री तो उत्तरप्रदेश 13 मुख्यमंत्री देख चुका है। दूसरे राज्यों की तस्वीर इससे मिलती जुलती है। यानी देश में प. बंगाल अकेला राज्य है जहां करीब साढ़े चार दशक से तीन ही मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली है। यह राजनीतिक स्थिरता का प्रतीक माना जा सकता है।

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हर बार पूर्ण बहुमतः बीते 44 सालों में प बंगाल में नौ बार विधानसभा चुनाव हुए है। यह भी सुखद संयोग ही माना जाएगा कि हर चुनाव में जिस भी दल या गठबंधन की सरकार बनी है। उसे पूर्ण बहुमत मिला है। देश के बाकी राज्यों में एकाध बार ऐसे अवसर आए जय किसी भी दल को बहुमत ना मिला हो। लेकिन प. बंगाल में जिसने भी सरकार बनाई, भारी बहुमत के साथ।

10-10 साल तीनों सीएम रहे
West Bengal News: यह भी अनूठा रेकॉर्ड बनने जा रहा है कि पिछले 44 सालों में रहे तीनों मुख्यमंत्रियों ने 10 – 10 साल का कार्यकाल पूरा किया। ज्योति बसु 21 जून 1977 से 5 नवम्बर 2000 तक (23 साल) मुख्यमंत्री रहे। उनके बाद बने बुद्धदेव भट्टाचार्य भी साढ़े दस साल मुख्यमंत्री रहे। वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विधानसभा चुनाव के नतीजे आने तक 10 साल का कार्यकाल पूरा कर चुकेंगी।

आज तक नहीं लगा राष्ट्रपति शासन… इन सब के अलावा एक उपलब्धि और इस राज्य की। बड़े राज्यों में प. बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां 21 जून 1977 के बाद से कभी राष्ट्रपति शासन नहीं लगा। इसके अलावा अन्य राज्यों में अलग – अलग कारणों से राष्ट्रपति शासन लगता रहा है। राष्ट्रपति शासन नहीं लगना राज्य में राजनीतिक स्थायित्व का जीता प्रमाण है।

  • जून 1977 से राज्यों में मुख्यमंत्री..
  • हिमाचल प्रदेश – 05
  • ओडिशा – 06
  • पंजाब – 07
  • राजस्थान – 07
  • तमिलनाडु -07
  • हरियाणा – 08
  • केरल – 08
  • मध्यप्रदेश – 10
  • बिहार – 11
  • गुजरात – 12
  • उत्तरप्रदेश – 13
  • आंध्रप्रदेश – 13
  • महाराष्ट्र – 14-
  • कर्नाटक। – 16

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