April 1, 2020

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिज़नेस यूज़ : इस्तेमाल कहां और कैसे होता है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिज़नेस यूज़ का इस्तेमाल कहां और कैसे होता है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी चीज़ थी जो पहले साईफाई नॉवेल या फिल्मों में नज़र आती थी| पर आज देखो यह हमारे समाज पर कितना बड़ा असर डाल रही है| एप्पल की सिरि से लेकर गूगल के डीपमाईंड तक कई एआई टेक्नोलॉजी लोगों के रोज़ मर्रा का हिस्सा बनते जा रहे हैं|

अगर हम सिरि की बात करें तो वह नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसर का इस्तेमाल करती है। वह लोगों की बातों को सुनती है और इस प्रोसेसर के ज़रियें उन बातों को समझती है और जवाब देती है। सिरि रोज़मर्रा की भाषा का प्रयोग करती है|

दुसरी तरफ डीपमाईंड पिछ्ले बिहेवियर अल्गोरिद्म के अनुसार काम नहीं करता बल्कि वो सीखता है और पिछ्ले अनुभवों के ज़रिये रिजल्ट देता है| इसी कारण अब गूगल इतना आगे बढ़ रहा है और अपने एनर्जी सेंटर्स को भी ठंडा रख पा रहा है|

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व्यवसाय की दुनिया में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यवसायों को स्मार्ट और अधिक तेजी से काम करने में सक्षम बना रही है| जैसा कि प्रौद्योगिकी और समाज आगे बढ़ना जारी रखता है|

अधिक संगठन शक्तिशाली और परिष्कृत समाधानों की तलाश कर रहे हैं जो सुधार और संचालन को सुव्यवस्थित करेंगे| तो चलिये हम आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कुछ ऐसे ही बिज़नेस उज़ेस बताते हैं|

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिज़नेस यूज़

1 बैंकिंग और वित्त

कई बैंक धोखाधड़ी गतिविधि का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न अनुप्रयोगों का उपयोग करते हैं|

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एआई सॉफ़्टवेयर को डेटा का एक बहुत बड़ा नमूना दिया जाता है जिसमें धोखाधड़ी और गैर-धोखाधड़ी वाले खरीद शामिल हैं और यह निर्धारित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है कि क्या लेनदेन डेटा के आधार पर मान्य है|

समय के साथ, सॉफ्टवेयर अविश्वसनीय रूप से इस बात पर निर्भर हो जाता है कि उसने पहले जो सीखा है और उसी के आधार पर धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता लगाने की कोशिश करता है|

2 रीटेल

आपने आज कल देखा ही होगा की कई ऑनलाइन शॉपिंग की साइट पर आपको चैट का ऑप्शन मिलता है जिसमे एक कस्टमर केयर एक्सेक्यूटिव आपकी समस्याएँ हल करता है|

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आपको क्या लगता है वेह एक इन्सान होता है? नहीं, वह भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही होता है| यह एआई बोट्स आम बोलचाल की भाषा समझ सकता है। वह ऐसे ही कस्टमर की परेशानियों का हल निकालता है|

3 सुरक्षा

आजकल के इस तकनीकी युग मे साइबर हमलों की तादात काफी बढ़ती हुई नज़र आ रही है| इसी से बचने के लिए कई कंपनीयां साईबर सिक्योरिटी का इस्तेमाल करती है| किसी भी तरह की तकनीकी खतरे को एआई तुरत खोज लेता है, और उसका हल भी निकल लेता है|

किसी भी तरह की डाटा चोरी, हैकिंग व जासूसी से साईबर सिक्योरिटी अपकी कंपनी को बचता है। मशीन लर्निंग और अल्गोरिद्म के ज़रिये यह आपकी कंपनी को बचाए रखता है|

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वर्तमान स्तर

हालाँकि, आज हम जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देखते हैं उनमें से कई अनुप्रयोगों को ‘कमजोर एआई’ माना जाता है क्योंकि हमें अभी तक उनकी वास्तविक क्षमता के बारे में कोई अंदाज़ा नहीं है| कमजोर AI, जिसे ‘संकीर्ण AI’ के रूप में भी जाना जाता है, जो केवल एक कार्य पर केंद्रित रहता है|

आजकल के एआई मनुष्यों की भाषा सुनकर उसपर प्रतिकृया देते है परंतु इसमे उनकी कोई बुद्धि नहीं होती बल्कि येह सब पहले से सिखाया जता है| वर्तमान एआई की सारी प्रतिक्रियाएं सिखायी हुई होती है| वहीं मज़बूत एआई को मनुष्यों द्वारा चीजें शिखये जाने की आवश्यक्ता नहीं होती बल्कि वह स्वयं चीजे सीखकर प्रतिकृया देते है|

दुनिया भर में जब सामाजिक और आर्थिक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के फायदों पर विचार हो रहा है तो भारत में भी इस दिशा में शोध एवं विकास को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है| नीति आयोग ने इस नए एवं उभरते हुए क्षेत्र में शोध एवं विकास को बढ़ावा के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम की रूपरेखा पेश की है|

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नीति आयोग द्वारा हाल में प्रस्तुत किए गए एआईफॉरआल नामक दस्तावेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक ऐसे माध्यम से रूप में देखा जा रहा है, जो मानवीय मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकता है|

इस दस्तावेजों में देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में शोध के लिए सेंटर ऑफ रिसर्च एक्सिलेंस और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ट्रांसफॉरमेशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत दो स्तरीय संरचना पर जोर दिया गया है|

आजकल महत्वाकांक्षा और निष्पादन के बिच काफी बड़ा गैप आ गया है| कई महत्वकांक्षी कंपनीयां निष्पादन से दूर है| और एआई इसी गैप को मिटाता है| परंतु आज भी एआई को बिज़नेस के क्षेत्र में पूर्ण तरीके से अपनाया नहीं गया है|

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तकरीबन 85 प्रतिशत कंपनीयां यह मानती है की एआई से ज़्यादा उत्पादन मिल सकता है| इसके बावजूद 5 में से केवल 1ही कंपनी आर्तिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश करती है| अब आगे बढ़ने के लिए एआई का साथ आवश्यक है|

Image source: https://www.oodaloop.com/

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