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रिपोर्ट – हफीज अहमद स्थान – कोरिया छत्तीसगढ़

कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर से तेजी से फैल रहा है। देश के कई राज्यों और जिलों में स्थिति फिर से भयावह हो रही है। इसे कोरोना की दूसरी लहर माना जा रहा है। इसी के साथ ही कोरिया जिलें में आरटी पीसीआर टेस्ट RT-PCR test की खबरों की चर्चा भी एक बार फिर से जोरों पर है।

आपको बता दे कि आरटी पीसीआर टेस्ट यानी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। जांच के दौरान शरीर के कई हिस्सों से सैंपल लेने की जरूरत पड़ती है। ज्यादातर सैंपल नाक और गले से म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है। इस टेस्ट की रिपोर्ट आने में सामान्यतः 6 से 8 घंटे का समय लग सकता है। कई बार इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। आरटी पीसीआर टेस्ट आपके शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम है।

कुछ समय पूर्व इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि कोरिया जिले में कोरोना का सही पता लगाने वाली जांच करने का महत्वपूर्ण टेस्ट आरटीपीसीआर अब बैकुंठपुर में शुरू होने वाला है, संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव की विशेष पहल से यह संभव होता दिखाई दे रहा था, बीते वर्ष ही उन्होने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से लेकर कोरबा सांसद से आरटीपीसीआर टेस्ट की मशीन कोे लेकर मांग की थी और यह कयास लगाए जा रहे थे कि संभवतः जल्द ही इसकी शुरूआत की जाएगी, पर आज दिनांक तक यह सम्भव न हो सका।

ताजा हालात की बात करें तो RT PCR टेस्ट का कोरिया में काम रुका हुआ दिखाई पड़ रहा हैं और फिलहाल 2 हजार से ज्यादा लोगों के रिपोर्ट पिछले 2 सप्ताह से अटके पड़े हैं। जिससे उन्हें यह साफ – साफ नही समझ आ रहा कि उन्हें कोरोना हैं या नही और यही वो बड़ी वजह हैं जिसके कारण उन्हें इलाज में देरी हो रही हैं, सैम्पल इतनी अत्यधिक मात्रा में पड़े रहने की वजह से अब नए सैम्पल भी लेने से कोरिया जिला के सभी अस्पतालों ने इंकार करना शुरू कर दिया हैं।

अब इस बात पर भी सवाल उठने लगे हैं कि सैपल को जिला अस्पताल के लैब में बगैर फ्रीजर के और इतने समय से रखे जाने पर रिपोर्ट सही आएगा या नही?

गौरतलब हो कि आरटीपीसीआर की जांच हेतु बायरोलॉजी लैब अम्बिकापुर सरगुजा एक बार मे मात्र 200 सैपल ही कोरिया जिले से भेजे जाते है, उस स्थिति में कोरिया जिले की जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता हैं। उचित तो यही होगा कि जिले के सुप्रीमो कलेक्टर कोरिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी बायरोलॉजी लैब अम्बिकापुर से चर्चा करें और ज्यादा से ज्यादा सैपल भेज कर जांच रिपोर्ट जल्द मंगवाए। ताकि समय पर रुके जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सके।

श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, संसदीय सचिव, लैब हमारा रेडी हैं पर इसके कुछ फाईनल टैक्निकल काम बाकी हैं आने वाले सप्ताह के भीतर यह लैब चालू हो जाएगा।

डॉ रामेश्वर शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोरिया, हमारे भारत मे कैश लोड बहुत ज्यादा है, बहुत सैम्पल जाने की वजह से रिपोर्ट में देरी हो रही हैं। अब हमारा rtpcr लैब तैयार हो गया हैं कुछ टैक्निकल परेशानियां दूर होते ही rtpcr टेस्ट जिले में ही होंगी और रिपोर्ट भी जल्द मिलेगी।

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